गर्मी से राहत पाने को बच्चों के साथ ATM में सोने को मजबूर! UP के झांसी में बिजली कटौती और हीटवेव की दोहरी मार झेल रहे लोग

लंबे समय से लगातार बिजली कटौती के कारण सैकड़ों पुरुष और महिलाएं सड़कों पर उतर आए हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लगातार हो रही बिजली कटौती और बिजली विभाग की ओर से कोई साफ और सही प्रतिक्रिया न मिलने से परेशान होकर निवासियों ने सड़कों पर धरना दिया।

पूरे उत्तर भारत में गर्मी का प्रकोप जारी है। भले ही बुधवार को आई आंधी और बारिश से लोगों को थोड़ी राहत मिली हो, लेकिन इन दिनों इतनी बरसात ऐसी है, मानों गर्म तवे पर किसी ने पानी छिड़क दिया हो और वो भांप बन कर उड़ गया हो। इस गर्मी में कूलर, पांखे और यहां तक की AC भी फेल हो रहे हैं, लेकिन उन लोगों का क्या जिन्हें ये भी नसीब नहीं। उत्तर प्रदेश के झांसी से एक ऐसी ही तस्वीर सामने आई है, जहां लोगों को भीषण गर्मी और लगातार बिजली कटौती की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। लोग राहत पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

लंबे समय से लगातार बिजली कटौती के कारण सैकड़ों पुरुष और महिलाएं सड़कों पर उतर आए हैं और विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। लगातार हो रही बिजली कटौती और बिजली विभाग की ओर से कोई साफ और सही प्रतिक्रिया न मिलने से परेशान होकर निवासियों ने सड़कों पर धरना दिया और तत्काल कार्रवाई की मांग की।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई है बिजली कटौती से जूझ रहे स्थानीय लोग अब ATM बूथ में शरण लेने को मजबूर हैं। वायरल हो रही एक क्लिप में जयंती कुशवाह नाम की एक महिला और उसके तीन बेटे, जिनकी उम्र 10, 14 और 16 साल है, बिजली की समस्या से परेशान होकर आराम करते हुए ATM बूथ में दिखाई दे रहे हैं।

मीडिया से बातचीत के दौरान जयंती कुशवाह ने बताया, “हम यहां इसलिए हैं, क्योंकि कम से कम यहां बिजली तो है। हम कहां जाएं? हमें रात में या सुबह के समय बिजली नहीं मिल रही है। इसलिए मैं अपने पूरे परिवार के साथ गर्मी से राहत पाने के लिए यहां आराम कर रही हूं।”

उन्होंने कहा कि यह समस्या एक महीने से भी ज्यादा समय से बनी हुई है। उन्होंने कहा, “बिजली विभाग से कोई भी हमें सही स्थिति के बारे में बताने नहीं आया। इसलिए हम ATM में हैं। हम बच्चों के साथ सड़कों पर नहीं सो सकते, इसलिए हम बच्चों के साथ ATM में रह रहे हैं।”

इस स्थिति की ऑनलाइन तीखी आलोचना हुई है, और कई यूजर्स ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) को ‘भ्रष्ट और अक्षम’ करार दिया है। कई और लोगों ने भी झांसी और उत्तर प्रदेश के दूसरे हिस्सों में बिजली संकट पर सवाल उठाए, और कहा कि गरीब लोग और जानवर हीटस्ट्रोक से मर रहे हैं।


मैं विवेक शर्मा, समाजसेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट, आप सभी के समक्ष “पब्लिक की बात” एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ मंच, जो आम जनता की आवाज़ को मजबूती और ईमानदारी के साथ सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पब्लिक की बात का उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी को सशक्त करना है। हम राजनीति, प्रशासन, भ्रष्टाचार, सामाजिक सरोकारों और ज़मीनी सच्चाइयों से जुड़ी खबरों को निष्पक्ष, तथ्यपरक और निर्भीक रूप से आप तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं।

यह मंच उन सवालों की आवाज़ है जो अक्सर दबा दिए जाते हैं, उन मुद्दों का आईना है जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है, और उन आम लोगों का प्रतिनिधि है जिनकी बात सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुँच पाती।

पब्लिक की बात — क्योंकि सवाल पूछना और सच दिखाना लोकतंत्र की ताकत है।

Click to Un-Mute
WhatsApp icon
Public Ki Baat
Contact us!
Phone icon
Public Ki Baat