मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल – असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM से चुनी गई प्रदेश की पहली और इकलौती हिंदू महिला पार्षद अरुणा उपाध्याय ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने यह कदम पति द्वारा लगाए गए आरोपों और घरेलू विवाद के चलते उठाया है।
📌 क्या है पूरा मामला?
- अरुणा उपाध्याय, खरगोन नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 2 से पार्षद चुनी गई थीं।
- 2022 के निकाय चुनाव में उन्होंने AIMIM के टिकट पर जीत दर्ज की थी।
- 70% मुस्लिम आबादी वाले वार्ड में एक हिंदू महिला की जीत ने उन्हें राजनीतिक चर्चाओं में ला दिया था।
⚠️ पति के गंभीर आरोप
- अरुणा ने बताया कि उनके पति श्यामलाल उपाध्याय उन्हें 2022 से पार्षद पद छोड़ने का दबाव बना रहे थे।
- आरोप लगाया कि पति ने उन पर फंड लेकर धर्म परिवर्तन कराने का झूठा आरोप लगाया है।
- पति की तरफ से जान से मारने की धमकी भी मिली है, जिसके चलते उन्होंने तलाक और पुलिस शिकायत की कार्रवाई की है।
🧾 अरुणा उपाध्याय ने क्या कहा?
“मैंने न तो धर्म परिवर्तन किया है और न ही किसी को करवाया है।
ये आरोप मेरे पति की साजिश हैं। पार्टी मेरी घरेलू कलह का कारण बन गई है,
इसलिए मैं AIMIM से इस्तीफा दे रही हूं, लेकिन बतौर पार्षद काम करती रहूंगी।”
| प्रत्याशी | पार्टी | मत प्राप्त |
|---|---|---|
| अरुणा उपाध्याय | AIMIM | 643 |
| सुनीता गांगले | BJP | 612 |
| शिल्पा सोनी | कांग्रेस | 498 |
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