12 साल की बच्ची ने रखी 1 करोड़ की शर्त, सुप्रीम कोर्ट में मां को फटकार

सुप्रीम कोर्ट में एक अभूतपूर्व घटना सामने आई है, जहाँ एक 12 साल की बच्ची ने पिता के साथ रहने के लिए 1 करोड़ रुपये की मांग रखी। यह मामला एक चल रहे कस्टडी विवाद से जुड़ा है, जिसमें अब नया मोड़ आ गया है।

⚖️ मामले की पृष्ठभूमि:

बच्ची के पिता ने अदालत में यह शिकायत की थी कि निचली अदालत ने उन्हें कस्टडी दी थी, लेकिन बच्ची की मां ने उसे अब तक सुपुर्द नहीं किया। पिता ने यह भी बताया कि उन्होंने हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया, जिसके बाद अब वह सुप्रीम कोर्ट पहुँचे हैं।

😨 बच्ची की चौंकाने वाली बात:

सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि बच्ची ने कहा —

“आपने मेरी मां को कोर्ट में घसीटा है। 1 करोड़ रुपये दो, तभी मैं आपके साथ जाऊंगी।”
यह सुनकर सुप्रीम कोर्ट की बेंच हैरान रह गई। चीफ जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि ऐसा व्यवहार बच्ची की उम्र के अनुसार असामान्य है और इसमें मां की भूमिका संदिग्ध प्रतीत होती है।

💢 मां को फटकार:

बेंच ने कहा कि ऐसा लगता है कि मां बच्ची के मन को भड़का रही है और उसकी सोच को गलत दिशा में मोड़ रही है। कोर्ट ने चेतावनी दी कि

“आप इस बच्ची के करियर और मानसिकता को बर्बाद कर रही हैं। यह सब किसी दिन आपको ही नुकसान देगा

📚 अन्य चिंताजनक तथ्य:

  • बच्ची ने पिता पर डंडे से हमला किया था।
  • उसने पिता के साथ जाने से साफ इनकार किया।
  • स्कूल दस्तावेज़ों से भी पिता का नाम हटाया गया है।

🕊️ मेडिएशन का रास्ता:

मां की वकील अनुराभा अग्रवाल ने कहा कि वे मेडिएशन के लिए तैयार हैं। इसके बाद कोर्ट ने दोनों पक्षों की सहमति से मामले को मध्यस्थता के लिए भेज दिया है।
उत्तराखंड हाई कोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस ऋतु बाहरी को इस मामले में मध्यस्थ नियुक्त किया गया है।


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