उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। PGI के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर मोर्चरी में एक शव से सोने की अंगूठी चोरी कर ली गई। मामला सामने आने पर अस्पताल प्रशासन ने दो कर्मचारियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं, वहीं मृतक के बेटे की शिकायत पर पुलिस अब आरोपियों की तलाश कर रही है।
कैसे हुआ मामला शुरू?
मामला मड़ियांव थाना क्षेत्र के फैजुल्लागंज लक्ष्मीनगर कॉलोनी निवासी श्याम नारायण शुक्ला से जुड़ा है।
- 11 जुलाई को लुलु मॉल के पास उनका एक्सीडेंट हुआ।
- घायल अवस्था में उन्हें PGI के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर लाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
- मृतक के बेटे दिनेश के अनुसार, हादसे के समय पुलिस ने उनके पिता की तस्वीरें खींची थीं, जिनमें वह सोने की चेन, एक सोने और दो चांदी की अंगूठी पहने हुए दिखाई दे रहे थे।
- लेकिन जब पंचनामा के बाद शव परिजनों को सौंपा गया तो सोने की अंगूठी गायब थी।
कैसे हुआ खुलासा?
पीड़ित बेटे दिनेश ने जब अंगूठी की मांग की तो अस्पताल कर्मियों ने टालमटोल करना शुरू कर दिया।
बाद में जांच में सामने आया कि शव को पैक करने वाले कर्मचारियों में आशीष और शिवशंकर समेत पांच लोग शामिल थे।
- अस्पताल प्रशासन ने शिकायत पर पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित की।
- जांच में पाया गया कि सफाईकर्मी आशीष कुमार और रोगी सहायक शिवशंकर इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं।
अस्पताल प्रशासन की कार्रवाई
- दोनों दोषी कर्मचारियों की नौकरी तुरंत खत्म कर दी गई।
- साथ ही, मामले की जानकारी पुलिस को दी गई।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़ित परिवार ने PGI थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी की तलाश में जुटी है।
सवालों के घेरे में सिस्टम
यह घटना न केवल अस्पताल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि मोर्चरी जैसे संवेदनशील स्थानों पर कर्मचारियों की नैतिक जिम्मेदारी को भी उजागर करती है। शव से की गई चोरी ने परिजनों को गहरा आघात पहुंचाया है।
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