भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ताओं से भारतीय निर्यातकों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि अमेरिका जल्द ही भारत पर लगाए गए 25% पेनल्टी टैरिफ को हटा सकता है और रेसिप्रोकल टैरिफ को 25% से घटाकर 10-15% तक लाने पर विचार कर रहा है।
✅ भारत के लिए फायदे
- भारतीय उत्पादों की मांग अमेरिका में फिर से तेजी पकड़ सकती है।
- कपड़ा, रसायन, समुद्री भोजन, जेम्स-एंड-ज्वेलरी और मशीनरी जैसे सबसे ज्यादा प्रभावित सेक्टर्स को बड़ी राहत मिलेगी।
- भारत का अमेरिका को निर्यात, जो अगस्त में गिरकर 6.87 अरब डॉलर (10 महीने का निचला स्तर) पर पहुंच गया था, उसमें सुधार हो सकता है।
✅ अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात बाजार
- भारत के कुल निर्यात का 20% हिस्सा अमेरिका जाता है।
- वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने अमेरिका को 86.51 अरब डॉलर का माल भेजा और 40.82 अरब डॉलर का अधिशेष दर्ज किया।
- टैरिफ हटने से न सिर्फ निर्यात बढ़ेगा बल्कि द्विपक्षीय व्यापार संबंध भी मजबूत होंगे।
✅ ट्रंप का बयान
- डोनाल्ड ट्रंप ने कहा – “मैं भारत और पीएम मोदी के बहुत करीब हूं।”
- उन्होंने साफ किया कि टैरिफ रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में तेल की कीमतें नियंत्रित करने के लिए लगाए गए थे।
- लेकिन अब दोनों देशों के बीच 8-10 हफ्तों में डील फाइनल होने की उम्मीद है।
👉 कुल मिलाकर, अगर टैरिफ कम होते हैं, तो यह भारतीय उद्योग जगत और निर्यातकों के लिए दोगुनी खुशखबरी होगी।
मैं विवेक शर्मा, समाजसेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट, आप सभी के समक्ष “पब्लिक की बात” एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ मंच, जो आम जनता की आवाज़ को मजबूती और ईमानदारी के साथ सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पब्लिक की बात का उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी को सशक्त करना है। हम राजनीति, प्रशासन, भ्रष्टाचार, सामाजिक सरोकारों और ज़मीनी सच्चाइयों से जुड़ी खबरों को निष्पक्ष, तथ्यपरक और निर्भीक रूप से आप तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं।
यह मंच उन सवालों की आवाज़ है जो अक्सर दबा दिए जाते हैं, उन मुद्दों का आईना है जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है, और उन आम लोगों का प्रतिनिधि है जिनकी बात सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुँच पाती।
पब्लिक की बात — क्योंकि सवाल पूछना और सच दिखाना लोकतंत्र की ताकत है।
