चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ का असर अब झारखंड में भी दिखने लगा है।
आंध्रप्रदेश के तट से टकराने के बाद यह तूफान उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए झारखंड की ओर बढ़ गया है।
इससे रांची, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, जमशेदपुर समेत 19 जिलों में बारिश शुरू हो गई है।
मौसम विभाग ने राज्य में भारी बारिश और आंधी के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जो शुक्रवार तक प्रभावी रहेगा।
⚠️ राज्य के 19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
रांची मौसम विज्ञान केंद्र ने बताया कि अगले तीन दिनों तक
राज्य के दक्षिणी और मध्य हिस्सों में लगातार मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।
पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम, रांची, सरायकेला-खरसावां, गुमला, लोहरदगा, सिमडेगा, पलामू, धनबाद, देवघर, गिरिडीह, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, चतरा, लातेहार, गढ़वा, दुमका और पाकुड़ जिलों को अलर्ट में रखा गया है।
बारिश के कारण तापमान में 4 से 5 डिग्री तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह झारखंड में ठंड के आगमन का शुरुआती संकेत हो सकता है।
🌀 क्या है मोंथा तूफान
‘मोंथा’ एक गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm) है,
जो आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटवर्ती इलाकों से टकराने के बाद अब
उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है।
इसकी वायु गति 90 से 100 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने कहा है कि इसके प्रभाव से
झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश और तेज हवाएं चलेंगी।
🧾 सरकार और प्रशासन ने की तैयारी
राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा —
“जनहानि या क्षति को कम करना हमारी प्राथमिकता है।
सभी जिलों के डीसी को अलर्ट मोड में रहकर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।”
उन्होंने सभी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों को
तत्काल बैठक बुलाने और
एनडीआरएफ व एसडीआरएफ टीमों को
संभावित रूप से प्रभावित इलाकों में तैनात करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही बिजली, संचार और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त और सक्रिय रखने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
🌧️ रांची और आसपास का मौसम
रांची में मंगलवार को अधिकतम तापमान 29.3°C और न्यूनतम तापमान 20.6°C दर्ज किया गया।
मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि
“मोंथा के प्रभाव से अगले तीन दिनों में
तापमान में 5 डिग्री तक की गिरावट आ सकती है।
बारिश और तेज हवाओं के कारण राज्य में
मौसम ठंडा और नमी वाला रहेगा।”
मोंथा का प्रभाव 1 अक्टूबर तक रहने की संभावना जताई गई है।
इसके बाद हवा की दिशा में बदलाव और तापमान में गिरावट से
झारखंड में सर्दी की शुरुआत महसूस की जाएगी।
🚨 जनता को चेतावनी
मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि —
- अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें।
- बिजली के खंभों और पेड़ों से दूरी बनाए रखें।
- निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पर ध्यान दें।
- आपात स्थिति में तुरंत जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।
🌾 किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह
मोंथा तूफान से झारखंड के किसानों पर भी असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि
धान की कटाई और मक्का की फसल को
तेज हवाओं और भारी बारिश से बचाने के लिए अग्रिम कदम उठाएं।
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