Bihar’s Fake IAS Scandal: 4 Girlfriends, 3 Pregnant — AI-Powered Fraud Empire Busted in UP

यूपी पुलिस ने गोरखपुर में एक ऐसे फर्जी IAS अधिकारी को गिरफ्तार किया है, जिसकी ठगी, रौब और ‘डिजिटल जालसाजी’ ने बिहार, यूपी और झारखंड तक प्रशासन को हिला दिया। आरोपी गौरव कुमार सिंह उर्फ ललित किशोर ने IAS की नकली पहचान के दम पर करोड़ों का नेटवर्क खड़ा कर लिया था—जिसमें सरकारी रौब, फर्जी दस्तावेज़, नकली प्रोटोकॉल और लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाना शामिल था।

⬛ कैसे चलता था फर्जी IAS का 5 लाख प्रति माह वाला ‘प्रोटोकॉल शो’?

  • सफेद इनोवा—लाल-नीली बत्ती के साथ
  • 10–15 लोगों की निजी टीम
  • गांवों और ब्लॉक्स में लगातार औचक निरीक्षण
  • अधिकारियों पर धौंस जमाना
  • रौब और डर के माहौल में किसी को शक न हो, इसके लिए लगातार पब्लिक अपीयरेंस

यहीं नहीं — गौरव इतना बेखौफ हो चुका था कि भागलपुर में असली SDM ने जब उससे बैज पूछा, तो उसने SDM को थप्पड़ मार दिया। SDM ने पूरे रौब में शिकायत भी नहीं की।

⬛ रोमांस, रिश्ता और धोखा: 4 गर्लफ्रेंड… जिनमें से 3 प्रेग्नेंट

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने उसका मोबाइल खंगाला तो सामने आया:

  • चार गर्लफ्रेंड
  • तीन गर्लफ्रेंड प्रेग्नेंट
  • सभी उसे असली IAS अधिकारी समझकर रिलेशनशिप में थीं
  • इसी बीच पता चला कि वह पहले से बिहार की एक लड़की से मंदिर में शादी भी कर चुका है

यानी उसका पूरा ‘IAS प्रेम मॉडल’ सिर्फ ठगी का हथियार था।

⬛ AI से बना ‘फर्जी IAS इकोसिस्टम’

पूछताछ में खुलासा हुआ कि गौरव का साला अभिषेक इस गैंग का टेक ब्रेन था।

  • AI की मदद से बनते थे फर्जी सरकारी कार्ड
  • डिजिटल नेम-प्लेट, टेंडर कॉपी, ऑर्डर शीट, मीडिया कटिंग… सब AI से तैयार
  • पहले जहां जालसाजों को पैसे देने पड़ते थे, AI के बाद यह काम मिनटों में हो जाता था

इस डिजिटल धोखाधड़ी ने इस फर्जी IAS मॉडल को बेहद मजबूत और असली जैसा बना दिया।

⬛ तीन राज्य — एक फेक साम्राज्य

गौरव ने बिहार, यूपी और झारखंड में:

  • सरकारी ठेके के नाम पर रकम वसूली
  • अधिकारियों पर धौंस दिखाकर फायदा उठाया
  • गांवों में योजनाओं की फर्जी मॉनिटरिंग की
  • युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों ऐंठे

⬛ यूपी पुलिस ने कैसे किया खेल खत्म?

गोरखपुर पुलिस को लगातार शिकायतें मिल रही थीं। दबिश में:

  • इनोवा कार
  • नकली ID
  • AI से बने सर्टिफिकेट
  • सरकारी स्टाइल की फाइलें
  • मोबाइल से चैट और लेन-देन का डाटा

सब जब्त किया गया। इसके बाद गौरव को गिरफ्तार कर लिया गया और पूरे नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।


मैं विवेक शर्मा, समाजसेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट, आप सभी के समक्ष “पब्लिक की बात” एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ मंच, जो आम जनता की आवाज़ को मजबूती और ईमानदारी के साथ सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पब्लिक की बात का उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी को सशक्त करना है। हम राजनीति, प्रशासन, भ्रष्टाचार, सामाजिक सरोकारों और ज़मीनी सच्चाइयों से जुड़ी खबरों को निष्पक्ष, तथ्यपरक और निर्भीक रूप से आप तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं।

यह मंच उन सवालों की आवाज़ है जो अक्सर दबा दिए जाते हैं, उन मुद्दों का आईना है जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है, और उन आम लोगों का प्रतिनिधि है जिनकी बात सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुँच पाती।

पब्लिक की बात — क्योंकि सवाल पूछना और सच दिखाना लोकतंत्र की ताकत है।

Click to Un-Mute
WhatsApp icon
Public Ki Baat
Contact us!
Phone icon
Public Ki Baat