लखनऊ में फर्जी CRPF जवान बना ठग सक्रिय: घरेलू सामान बेचने के बहाने युवक से 98 हजार हड़पे

लखनऊ में ऑनलाइन ठगी का एक नया तरीका सामने आया है, जिसमें एक ठग ने खुद को CRPF जवान बताकर इंदिरा नगर के एक युवक से हजारों रुपए ऐंठ लिए। ठग ने पीड़ित को घरेलू सामान बेचने का लालच दिया और रिश्तेदार की फेसबुक आईडी तक हैक कर मामले को असली दिखाने की कोशिश की।

🔹 रिश्तेदार की फेसबुक आईडी से आया मैसेज

पीड़ित ओमजी श्रीवास्तव, निवासी इंदिरा नगर, ने बताया कि 27 नवंबर को उन्हें अपने एक रिश्तेदार की फेसबुक आईडी से मैसेज मिला।
मैसेज में लिखा था कि:

  • उनके जानने वाले एक CRPF कर्मचारी का लखनऊ से ट्रांसफर हो गया है
  • वह अपना छह महीने पुराना घरेलू सामान बेच रहा है
  • सामान सस्ते में मिल सकता है

यही से ठगी की शुरुआत हुई।

🔹 ‘CRPF कर्मचारी’ का वॉट्सऐप और घरेलू सामान की तस्वीरें

इसके बाद ओमजी को आशीष कुमार नाम के व्यक्ति का वॉट्सऐप नंबर भेजा गया।
ठग ने:

  • महंगे घरेलू सामान की तस्वीरें भेजीं
  • ट्रांसफर का हवाला देकर जल्दी पैसे भेजने का दबाव बनाया

पीड़ित विश्वास में आ गया क्योंकि मैसेज रिश्तेदार की आईडी से आया था।

🔹 गूगल पे से 98,000 रुपये ट्रांसफर

ठग ने कुल 1 लाख रुपये अग्रिम मांगे।
ओमजी झांसे में आकर:

  • गूगल पे से 98,000 रुपए भेज दिए

इसके बाद ठग ने 41,500 रुपये और मांग लिए।
यहीं पर पीड़ित को शक हुआ और उन्हें ठगी का एहसास हो गया।

🔹 FIR दर्ज, साइबर क्राइम में शिकायत

पीड़ित ने तुरंत:

  • साइबर क्राइम थाना,
  • और गाजीपुर थाना

दोनों जगह शिकायत दर्ज कराई। गाजीपुर थाने में FIR भी दर्ज हो गई है। पुलिस अब वॉट्सऐप नंबर, बैंक ट्रांजैक्शन और फेसबुक हैकिंग के आधार पर आरोपी की तलाश में है।

आवाज़ प्लस  विशेष रिपोर्ट


मैं विवेक शर्मा, समाजसेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट, आप सभी के समक्ष “पब्लिक की बात” एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ मंच, जो आम जनता की आवाज़ को मजबूती और ईमानदारी के साथ सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पब्लिक की बात का उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी को सशक्त करना है। हम राजनीति, प्रशासन, भ्रष्टाचार, सामाजिक सरोकारों और ज़मीनी सच्चाइयों से जुड़ी खबरों को निष्पक्ष, तथ्यपरक और निर्भीक रूप से आप तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं।

यह मंच उन सवालों की आवाज़ है जो अक्सर दबा दिए जाते हैं, उन मुद्दों का आईना है जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है, और उन आम लोगों का प्रतिनिधि है जिनकी बात सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुँच पाती।

पब्लिक की बात — क्योंकि सवाल पूछना और सच दिखाना लोकतंत्र की ताकत है।

Click to Un-Mute
WhatsApp icon
Public Ki Baat
Contact us!
Phone icon
Public Ki Baat