कफ सिरप कांड में बड़ा एक्शन: लखनऊ के सिपाही आलोक सिंह की कोठी पर ED का छापा, छह शहरों में 25 ठिकानों पर धावा

यूपी के बहुचर्चित कफ सिरप कांड में आज प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की। शुक्रवार सुबह से ही ईडी की कई टीमों ने एक साथ 6 शहरों में 25 ठिकानों पर छापेमारी शुरू कर दी। इस कार्रवाई ने पूरे सिंडिकेट में हड़कंप मचा दिया है।

🔹 किन-किन शहरों में छापेमारी?

ईडी ने जिन शहरों में एक साथ धावा बोला, उनमें शामिल हैं—

  • लखनऊ
  • वाराणसी
  • अहमदाबाद
  • जौनपुर
  • सहारनपुर
  • रांची

इन सभी जगहों पर कफ सिरप से जुड़े सप्लायर्स, फाइनेंसर, परिवहनकर्ताओं और नेटवर्क से जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापे मारे गए।

🔥 लखनऊ का सबसे बड़ा एक्शन: सिपाही आलोक सिंह की कोठी पर ED का छापा

लखनऊ में ईडी की टीम आरोपी सिपाही आलोक सिंह के ठिकानों पर पहुंची।
उसके खिलाफ पहले ही अवैध दवा तस्करी, फर्जी बिलिंग और अवैध कमाई का आरोप है। माना जा रहा है कि ईडी को उसके यहां से अवैध लेनदेन, संपत्ति और नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मिल सकते हैं।

🔍 पृष्ठभूमि: कफ सिरप कैसे बना करोड़ों का अवैध धंधा

यूपी में कोडीन युक्त कफ सिरप, टेबलेट, इंजेक्शन और कैप्सूल को नशे के तौर पर बेचने वाले गिरोह ने बड़ी तस्करी चेन खड़ी कर रखी थी।

  • इसमें फर्जी मेडिकल स्टोर,
  • होलसेल दवा व्यापारियों,
  • पुलिस-संबंधित लोगों,
  • और दवा कंपनियों के एजेंटों की मिलीभगत का शक है।

यही वजह है कि ईडी ने अब मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर दी है।

🔹 तीन आरोपी गिरफ्तार, एक अभी फरार

कफ सिरप मामले में 11 अक्टूबर को कृष्णानगर निवासी दीपक मानवानी को गिरफ्तार किया गया था।
इसके बाद उसके दो साथी भी पकड़े गए—

  • सूरज मिश्र
  • प्रीतम सिंह

एक आरोपी आरुष सक्सेना अभी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में पूरे तस्करी नेटवर्क के बारे में कई अहम जानकारियाँ दीं, जिसके आधार पर ईडी ने यह बड़ी कार्रवाई की।

🛑 ईडी की कार्रवाई से सिंडिकेट में खलबली

ED को संदेह है कि कफ सिरप की अवैध बिक्री से

  • करोड़ों रुपए की नकद कमाई,
  • हवाला के जरिए लेनदेन,
  • और अवैध संपत्ति खड़ी करने का खेल
    चल रहा था।

छापेमारी में कई डिजिटल दस्तावेज, डायरी, बैंक डिटेल, और फर्जी बिलिंग रिकॉर्ड बरामद होने की संभावना है।

आवाज़ प्लस  विशेष रिपोर्ट


मैं विवेक शर्मा, समाजसेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट, आप सभी के समक्ष “पब्लिक की बात” एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ मंच, जो आम जनता की आवाज़ को मजबूती और ईमानदारी के साथ सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पब्लिक की बात का उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी को सशक्त करना है। हम राजनीति, प्रशासन, भ्रष्टाचार, सामाजिक सरोकारों और ज़मीनी सच्चाइयों से जुड़ी खबरों को निष्पक्ष, तथ्यपरक और निर्भीक रूप से आप तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं।

यह मंच उन सवालों की आवाज़ है जो अक्सर दबा दिए जाते हैं, उन मुद्दों का आईना है जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है, और उन आम लोगों का प्रतिनिधि है जिनकी बात सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुँच पाती।

पब्लिक की बात — क्योंकि सवाल पूछना और सच दिखाना लोकतंत्र की ताकत है।

Click to Un-Mute
WhatsApp icon
Public Ki Baat
Contact us!
Phone icon
Public Ki Baat