ऊँचे बिजली टावर पर बिना सेफ्टी गियर काम करता दिखा लाइनमैन, UPPCL की बड़ी लापरवाही उजागर

लखनऊ/उत्तर प्रदेश — सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक तस्वीर ने बिजली विभाग (UPPCL) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तस्वीर में एक लाइनमैन ऊँचे हाईटेंशन टावर पर चढ़कर मरम्मत करता दिख रहा है, जबकि उसके पास कोई भी अनिवार्य सेफ्टी गियर नहीं है। यह नजारा न केवल विभाग के सुरक्षा मानकों की पोल खोलता है, बल्कि कर्मचारियों की जान से सीधा खिलवाड़ भी दर्शाता है।

🔴 बिना हेलमेट, बिना हार्नेस और बिना किसी सुरक्षा बेल्ट के काम

तस्वीर में दिखाई दे रहा युवक:

  • न हेलमेट पहने है
  • न सेफ्टी बेल्ट या हार्नेस लगा है
  • न इंसुलेटेड ग्लव्स
  • न सेफ्टी शूज़
  • इतने ऊँचे टावर पर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के चढ़ना किसी भी वक्त जानलेवा साबित हो सकता है।

🔴 क्या लाइन लाइव थी? सवाल खड़े

तस्वीर में यह भी स्पष्ट नहीं है कि लाइन को डी-एनर्जाइज किया गया था या नहीं।
अगर लाइन चल रही थी, तो यह स्थिति बेहद खतरनाक है और ऐसी लापरवाही सीधी मौत का कारण बन सकती है।
UPPCL के SOP के अनुसार, ऐसे किसी भी कार्य से पहले लाइन को शटडाउन कर सुरक्षित अर्थिंग करना अनिवार्य होता है।

🔴 ग्राउंड सेफ्टी टीम भी नहीं दिखी

ऐसे खतरनाक कार्य के दौरान सुपरवाइजर और ग्राउंड सेफ्टी टीम का मौजूद होना आवश्यक है, लेकिन तस्वीर में इसका कोई संकेत नहीं दिखाई देता।
यह भी विभागीय प्रक्रियाओं के उल्लंघन की तरफ इशारा करता है।

🔴 टावर की हालत भी चिंताजनक

तस्वीर में टावर के कई हिस्से जंग लगे और कमजोर दिखाई दे रहे हैं। ऐसे ढांचे पर बिना पूर्व निरीक्षण और सुरक्षा उपकरणों के चढ़ना और भी जोखिम भरा है।

🔴 SOP की खुली उल्लंघना

UPPCL की गाइडलाइंस के अनुसार:

  • सभी लाइनमैन को PPE किट पहनना अनिवार्य है,
  • ऊँचाई पर काम करते समय फॉल प्रोटेक्शन सिस्टम जरूरी है,
  • लाइन बंद और अर्थिंग करने के बाद ही मरम्मत की जाती है,
  • टीम लीडर की मौजूदगी अनिवार्य है।

तस्वीर इन सभी मानकों की धज्जियाँ उड़ाती दिख रही है।

🔴 हर साल इसी लापरवाही में कई जानें जाती हैं

बिजली विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में हर साल दर्जनों लाइनमैन सुरक्षा उपकरणों की कमी या SOP के उल्लंघन के कारण जान गंवा देते हैं। यूनियन भी लंबे समय से UPPCL से बेहतर सुरक्षा व्यवस्थाओं की मांग करती रही है।

🔴 विभाग पर सवाल, जांच की मांग तेज

स्थानीय लोगों और बिजलीकर्मियों ने इस तस्वीर को लेकर विभाग से जवाब मांगा है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई है।
कर्मचारी संगठन का कहना है कि अगर सेफ्टी गियर उपलब्ध नहीं कराए जाते, तो ऐसे हादसे होते रहेंगे।

यह घटना फिर साबित करती है कि बिजली विभाग में सुरक्षा मानकों को लेकर भारी लापरवाही बरती जा रही है। सवाल यह है कि आखिर कब UPPCL अपने कर्मचारियों की जान को प्राथमिकता देगा?

आवाज़ प्लस  विशेष रिपोर्ट


मैं विवेक शर्मा, समाजसेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट, आप सभी के समक्ष “पब्लिक की बात” एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ मंच, जो आम जनता की आवाज़ को मजबूती और ईमानदारी के साथ सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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