फतेहपुर। शहर के पीरनपुर रोड स्थित 25 बेड के आयुष अस्पताल की बिजली 26 मार्च से कटी हुई है, वहीं इस प्रकरण को लेकर संबंधित अधिशासी अभियन्ता प्रथम रत्नेश जायसवाल का कहना है कि उन्हें पता नहीं कैसे बिजली काट दी गई। अस्पताल के जिम्मेदारों का कहना है कि 26 हजार रुपये बिल बकाया है, लेकिन उन्हें नोटिस नहीं दिया गया।
आयुष अस्पताल के डॉ. नवीन सोनी ने बताया कि बिजली के बिल का भुगतान मुख्यालय से होता है। बिजली विभाग ने बिल भुगतान का नोटिस भी नहीं भेजा। बिजली बिल काटने के बाद 26 हजार रुपये का बकाया बिजली बिल भेजा है। 26 मार्च को बिना सूचना के काट बिजली कनेक्शन दिया गया। इस हालात में अंधेरे में ही उपचार करना पड़ रहा है। गर्मी में हालात बदतर हैं। मरीजों को भी परेशानी हो रही है।
हर दिन लगभग सौ से अधिक मरीजों की ओपीडी अस्पताल में होती है। कई मरीजों को भर्ती करके कुछ घंटे देखरेख में रखा जाता है, लेकिन बिजली न होने से सिर्फ दवा देकर लौटा दिया जा रहा है। मरीजों को टार्च की रोशनी में परीक्षण किया जा रहा है। 3 अप्रैल तक बिजली कनेक्शन नहीं जोड़ा गया है। इस मामले को लेकर मुख्यालय को पत्राचार किया गया है।
इस सन्दर्भ में जिलाधिकारी, फतेहपुर रविंद्र सिंह का कहना है कि राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल की बिजली काट दी गई है। इसकी अधिकारियों से जानकारी ली जाएगी। अस्पताल की बिजली जोड़ने के तत्काल निर्देश दिए जाएंगे।
अधिशासी अभियन्ता प्रथम रत्नेश जायसवाल के अनुसार सरकारी भवन की बिजली कैसे काट दी, हमको जानकारी नहीं है। इसे तत्काल जुड़वाया जा रहा है। बिजली कैसे काटी गई, उसकी जानकारी ली जा रही है।
क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अस्पताल के प्रभारी डॉ. नवीन सोनी के अनुसार अस्पताल में बिजली न आने पर स्टॉफ के लोगों ने पता लगाया गया। उन्हें बकाया पर बिजली कटने की सूचना मिली। अस्पताल में बिजली कटने के पहले कोई सूचना भी नहीं दी गई।
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