मोहर्रम से पहले कुंडा में सियासी सख्ती: राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोग हाउस अरेस्ट, प्रशासन ने तैनात किया भारी पुलिस बल

📍 प्रतापगढ़ | आवाज़ प्लस डेस्क
मोहर्रम के मौके पर प्रतापगढ़ जिले के कुंडा क्षेत्र में एक बार फिर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जनसत्ता दल के संरक्षक और कुंडा के पूर्व राजा उदय प्रताप सिंह समेत 13 लोगों को हाउस अरेस्ट कर दिया है। यह कार्रवाई एसडीएम कुंडा के निर्देश पर की गई है। साथ ही जिलेभर में 1000 से ज्यादा लोगों को पाबंद किया गया है।

📌 भारी फोर्स और ड्रोन से निगरानी
कुंडा स्थित भदरी महल के बाहर भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई है। पूरे इलाके पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम मोहर्रम का जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।

🛑 हर साल दोहराया जाता है टकराव
यह विवाद कोई नया नहीं है। इसकी शुरुआत 2012 में हुई, जब शेखपुर गांव में सड़क किनारे एक बंदर की मौत के बाद हनुमान मंदिर बनाया गया। इसके बाद मोहर्रम की दसवीं पर हनुमान पाठ और भंडारे की परंपरा शुरू हुई।

2015 में धार्मिक आयोजनों की तारीखों के टकराव के चलते तनाव की स्थिति पैदा हुई थी। तभी से यह मामला लगातार प्रशासन और राजा परिवार के बीच विवाद का कारण बना हुआ है।

⚖️ अब तक 8 बार हो चुका है हाउस अरेस्ट
2016 से अब तक राजा उदय प्रताप सिंह को 8वीं बार हाउस अरेस्ट किया गया है। मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था, लेकिन कोर्ट ने निर्णय लेने का अधिकार जिलाधिकारी को सौंप दिया था।

🗣️ समर्थकों में नाराजगी
राजा उदय प्रताप सिंह के समर्थक इस कार्रवाई को एकपक्षीय बता रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रशासन केवल भंडारे के आयोजन को रोकता है, जबकि यह कार्यक्रम शांति और परंपरा से जुड़ा हुआ है। समर्थकों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।

👮 प्रशासन का पक्ष
एसपी प्रतापगढ़ ने बताया कि कार्रवाई केवल सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए की गई है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि मोहर्रम का आयोजन शांतिपूर्वक और बिना किसी टकराव के पूरा हो।


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