डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर वृक्षारोपण एवं संगोष्ठी का आयोजन

बरेली, उत्तर प्रदेश।
युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के माई भारत बरेली चैप्टर द्वारा गार्डन सिटी स्थित पार्क में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के उपलक्ष्य में एक वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उपनिदेशक श्रीमती पुष्पा सिंह के निर्देशन में स्वयंसेवक मोहित शर्मा के संचालन में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने उनके त्याग और बलिदान को स्मरण करते हुए अपने विचार साझा किए। संचालक मोहित शर्मा ने बताया कि डॉ. मुखर्जी ने अपने सुखमय जीवन का त्याग कर राष्ट्र की प्रगति के लिए भारतीय जनसंघ की स्थापना की और राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता के लिए महत्वपूर्ण कार्य किए। वे एक महान शिक्षाविद और प्रखर राष्ट्रवादी विचारक थे।

इस अवसर पर युवा कवि गौरव आर्य ने कविता के माध्यम से डॉ. मुखर्जी को नमन किया और उनके संघर्षों को शब्दों में जीवंत किया।

कार्यक्रम के दूसरे चरण में वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत लगभग 50 वृक्षों का रोपण किया गया, जिनमें नीम, अशोक, अमरूद, बेला, आम, गुड़हल, जामुन एवं आंवला आदि के पौधे शामिल थे। यह कार्य पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल के रूप में देखा गया।

कार्यक्रम में नगर निगम बरेली की स्वच्छता टीम – जोन 3 के जोन इंचार्ज श्री तुषार पांडे, सुपरवाइजर सुमित शर्मा एवं आईसी टीम के गौरव, दीक्षा, आदेश, आर्यन सहित कॉलोनीवासियों की सक्रिय भागीदारी रही।

इस आयोजन ने सामाजिक समर्पण, राष्ट्रभक्ति और पर्यावरण संरक्षण जैसे मूल्यों को एक मंच पर प्रस्तुत किया और युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण स्थापित किया।


मैं विवेक शर्मा, समाजसेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट, आप सभी के समक्ष “पब्लिक की बात” एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ मंच, जो आम जनता की आवाज़ को मजबूती और ईमानदारी के साथ सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पब्लिक की बात का उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी को सशक्त करना है। हम राजनीति, प्रशासन, भ्रष्टाचार, सामाजिक सरोकारों और ज़मीनी सच्चाइयों से जुड़ी खबरों को निष्पक्ष, तथ्यपरक और निर्भीक रूप से आप तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं।

यह मंच उन सवालों की आवाज़ है जो अक्सर दबा दिए जाते हैं, उन मुद्दों का आईना है जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है, और उन आम लोगों का प्रतिनिधि है जिनकी बात सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुँच पाती।

पब्लिक की बात — क्योंकि सवाल पूछना और सच दिखाना लोकतंत्र की ताकत है।

Click to Un-Mute
WhatsApp icon
Public Ki Baat
Contact us!
Phone icon
Public Ki Baat