“पार्टी की छवि से बड़ा कोई नेता नहीं… और अब एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट कर दिया है कि अनुशासन ही शिवसेना की असली पहचान है।”
मुंबई में विधायक हॉस्टल की कैंटीन में हुए “थप्पड़ कांड” ने महाराष्ट्र की राजनीति में हड़कंप मचा दिया है। शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक संजय गायकवाड़ द्वारा एक कर्मचारी को थप्पड़ मारने की घटना ने सिर्फ पार्टी की नहीं, पूरी फडणवीस सरकार की प्रतिष्ठा को भी झटका दिया है।
🗣️ शिंदे की सख्त हिदायत: “मजबूर मत कीजिए…”
इस घटना के बाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पार्टी विधायकों और मंत्रियों की आपात बैठक बुलाई और सबको कड़े शब्दों में अनुशासन का पाठ पढ़ाया।
“मैं किसी पर कार्रवाई करना नहीं चाहता, लेकिन अगर आप मजबूर करेंगे तो चुप भी नहीं बैठूंगा।”
– एकनाथ शिंदे, मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र
शिंदे ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में संयम और मर्यादा ज़रूरी है।
उन्होंने दो टूक कहा:
“कम बोलो, ज्यादा काम करो।”
🔥 सिर्फ गायकवाड़ नहीं, संजय शिरसाट भी विवादों में
जहाँ एक ओर संजय गायकवाड़ थप्पड़ कांड को “जायज़” ठहराने पर अड़े हैं, वहीं दूसरी ओर शिवसेना मंत्री संजय शिरसाट का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वे नोटों से भरा बैग अपने पास रखते दिख रहे हैं।
- शिरसाट को हाल ही में आय से अधिक संपत्ति मामले में IT डिपार्टमेंट से नोटिस मिला था।
- उन्होंने आरोपों को खारिज किया, लेकिन जनता और मीडिया में सवाल उठ रहे हैं।
💥 फडणवीस सरकार की भी मुश्किलें बढ़ीं
दोनों घटनाओं ने सिर्फ शिवसेना नहीं, बल्कि फडणवीस सरकार को भी कटघरे में ला खड़ा किया है।
सवाल उठ रहे हैं कि —
- क्या सत्ताधारी गठबंधन में संकट की शुरुआत हो चुकी है?
- और क्या मुख्यमंत्री शिंदे की कठोर हिदायतें वाकई असर दिखाएंगी?
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