पीलीभीत में बाघ का आतंक: खेत जाते वक्त दबोची महिला, किशोर ने बहादुरी से बचाई जान

घटना स्थान:
उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले का न्यूरिया इलाका — जो तराई बेल्ट का हिस्सा है और बाघों की आमद के लिए जाना जाता है।

📌 क्या हुआ?

  • बृहस्पतिवार सुबह, 2 घंटे के भीतर बाघों ने 3 अलग-अलग हमले किए:
  • मंडरिया गांव की महिला तृष्णा (उम्र 50) को खेत में जाते वक्त बाघ ने हमला कर मौत के घाट उतार दिया
  • किशोर नीलेश पर बाघ ने हमला किया, लेकिन नीलेश बहादुरी से लड़ा और बच गया
  • सहजनिया गांव की मीना (उम्र 50) पर भी बाघ ने हमला किया और गंभीर रूप से घायल कर दिया

🐅 कितने बाघ?

  • ग्रामीणों के अनुसार कम से कम दो बाघ हैं, जो अलग-अलग इलाकों में देखे गए हैं।
  • लोगों ने बाघों के वीडियो भी बनाए हैं — जो सड़क और खेतों में खुले घूम रहे हैं

😨 स्थिति कितनी गंभीर है?

  • पूरे इलाके में भय का माहौल है
  • लोग खेतों में जाना छोड़ चुके हैं
  • बाघों के डर से लोग घरों में कैद हैं
  • वन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं — क्योंकि अब तक बाघ पकड़े नहीं जा सके हैं।

🔧 वन विभाग की कोशिशें:

  • हाथियों से जंगल की निगरानी की जा रही है।
  • थर्मल ड्रोन उड़ाए गए हैं ताकि बाघों की लोकेशन पता चल सके।
  • लेकिन अब तक बाघ पकड़ा नहीं गया है

📣 ग्रामीणों की मांगें:

  • बाघों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए।
  • इलाके में पुख्ता सुरक्षा हो, ताकि भविष्य में हमले न हों।
  • वन विभाग और प्रशासन तुरंत गंभीर कदम उठाए


मैं विवेक शर्मा, समाजसेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट, आप सभी के समक्ष “पब्लिक की बात” एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ मंच, जो आम जनता की आवाज़ को मजबूती और ईमानदारी के साथ सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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