बदले की आग में मासूम की हत्या: 16 साल के किशोर ने 7 साल के बच्चे को बनाया शिकार

गुरुग्राम में 16 वर्षीय किशोर द्वारा 7 साल के मासूम की निर्मम हत्या – 

हरियाणा के गुरुग्राम से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। यहां एक 16 साल के किशोर ने अपने ही पड़ोस में रहने वाले 7 साल के मासूम बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी किशोर ने मासूम पर कैंची से लगभग 20 बार हमला किया और उसके शव को KMP एक्सप्रेसवे के पास झाड़ियों में छिपा दिया।

🔴 घटना की शुरुआत – एक छोटी सी बात, घातक अंत

जानकारी के मुताबिक यह पूरा मामला लगभग दो महीने पहले शुरू हुआ था, जब पीड़ित बच्चे ने आरोपी किशोर को उसके पिता का चोरी किया हुआ मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए देख लिया था। जब यह बात पीड़ित ने अपने पिता को बताई, तो उन्होंने आरोपी किशोर के परिवार से शिकायत की। मामला बढ़ने पर किशोर के माता-पिता ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और पिता ने अपने बेटे को लोगों के सामने डांटा और पीटा भी।

यही अपमान किशोर के मन में घर कर गया। वह भीतर ही भीतर बदला लेने की योजना बनाने लगा, जबकि ऊपर से सब सामान्य दिखता रहा। दोनों बच्चे खेलते रहे, लेकिन आरोपी के भीतर बदले की आग जल रही थी।

🕹️ घातक प्लान और वारदात का दिन

शनिवार को पीड़ित बच्चा घर का होमवर्क पूरा करने के बाद खेलने के लिए बाहर निकला। इसी दौरान किशोर ने उसे पुराने बहाने से बुलाया और उसे रिहायशी इलाके से दूर, KMP एक्सप्रेसवे के पास एक सुनसान जगह पर ले गया। वहां उसने अचानक कैंची से हमला कर दिया। किशोर ने लगातार 18-20 बार मासूम के सीने और पेट पर वार किए।

हत्या के बाद उसने शव को झाड़ियों में छिपा दिया और वहां से भाग गया, जैसे कुछ हुआ ही न हो।

👩‍👦 मां की चिंता और लापता रिपोर्ट

शाम को जब बच्चा घर नहीं लौटा, तो उसकी मां बेहद घबरा गई। वह बच्चे को अपने पति के पास छोड़कर काम पर गई थी। उन्होंने परिवार के साथ मिलकर आसपास बहुत देर तक खोजबीन की लेकिन जब कुछ पता नहीं चला, तो रात को पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

अगले दिन सुबह ग्रामीणों ने बच्चे का शव पास के कलवाड़ी गांव के पास झाड़ियों में देखा और पुलिस को सूचना दी।

🚨 पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी

पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। पीड़ित के दोस्तों से पूछताछ की गई और जांच के दौरान किशोर की ओर शक गया। जब पुलिस ने आरोपी किशोर से पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

किशोर को सोमवार को किशोर न्यायालय (Juvenile Court) में पेश किया जाएगा।

💬 पीड़ित परिवार का दर्द और पिता की प्रतिक्रिया

पीड़ित के पिता, जो पेशे से कूरियर डिलीवरी का काम करते हैं, ने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक मामूली चोरी का मामला इतना बड़ा रूप ले सकता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को कई बार उस लड़के के साथ खेलने से मना किया था, लेकिन मासूम बच्चा नहीं मानता था।

पिता ने कहा, “उसने मुझे बताया था कि आरोपी हमारे चोरी हुए फोन को चला रहा है, लेकिन मैंने इस बात को गंभीरता से नहीं लिया। बाद में जब अन्य बच्चों ने भी यही बात बताई तो सच्चाई सामने आई।”

📌 इस घटना से क्या सबक मिलता है?

यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था, बल्कि समाजिक दृष्टिकोण और बच्चों की मानसिक स्थिति पर भी सवाल उठाती है। कैसे एक किशोर में इतनी हिंसा जन्म ले सकती है? कैसे एक छोटी-सी गलती इतनी खतरनाक बन सकती है?

समाज, स्कूल, परिवार और प्रशासन को मिलकर ऐसे किशोरों पर समय रहते ध्यान देने की जरूरत है, ताकि भविष्य में कोई और मासूम इस तरह की दरिंदगी का शिकार न बने।


मैं विवेक शर्मा, समाजसेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट, आप सभी के समक्ष “पब्लिक की बात” एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ मंच, जो आम जनता की आवाज़ को मजबूती और ईमानदारी के साथ सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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