सौतेले पिता की हैवानियत: रोता रहा मासूम, फिर ली मासूम सी जान

लखनऊ से आई इस दिल दहला देने वाली खबर ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि एक मासूम की जिंदगी कितनी सस्ती हो गई है, और पारिवारिक असुरक्षा किस हद तक खतरनाक साबित हो सकती है। गोमतीनगर इलाके के बड़ी जुगौली मोहल्ले में दो साल के मासूम आदित्य की हत्या उसके सौतेले पिता जगन्नाथ साहनी ने केवल शक के आधार पर कर दी।

घटना की पूरी कहानी

नंदनी, आदित्य की मां, घरेलू सहायिका के रूप में काम करती हैं और रोज की तरह रविवार शाम भी काम पर गई थीं। आदित्य घर पर अकेला था, और साथ में मौजूद था उसका सौतेला पिता जगन्नाथ। शाम करीब सात बजे जब नंदनी घर लौटी तो उसने देखा कि उसका बेटा अचेत अवस्था में पड़ा है। मासूम के शरीर पर पीटने के गंभीर निशान थे—गाल, पीठ और सीने पर हाथ की उंगलियों की छाप साफ दिखाई दे रही थी। नंदनी चीख पड़ी और पड़ोसियों की मदद से बच्चे को तुरंत लोहिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने आदित्य को मृत घोषित कर दिया।

गवाहों का बयान

नंदनी के रिश्तेदार सागर, जो पास ही रहते हैं, ने बताया कि जब वह आदित्य को खेलने ले जाने पहुंचा, तब उसने जगन्नाथ को बच्चे को लगातार थप्पड़ मारते देखा। बच्चा रो रहा था, लेकिन मार नहीं रुकी। फिर अचानक बच्चा शांत हो गया—सांसें थम गईं। जगन्नाथ ने घबराकर उसे हिलाया-झुलाया लेकिन कोई हरकत नहीं हुई, और फिर उसे जमीन पर लिटा दिया। यही वह पल था जब एक मासूम की जिंदगी सख्त हाथों की मार और इंसानियत से खाली रिश्ते के नीचे खत्म हो गई।

हत्या के पीछे की वजह: शक

पुलिस पूछताछ और मां के बयान के अनुसार, जगन्नाथ को शक था कि नंदनी का अपने पहले पति राजेश से अब भी संबंध है। राजेश ही आदित्य का जैविक पिता था। नंदनी ने स्वीकार किया कि हाल ही में उसकी मुलाकात राजेश से हुई थी, जिससे जगन्नाथ गुस्से में था और दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ था। पुलिस को आशंका है कि इसी ईर्ष्या और मानसिक तनाव ने जगन्नाथ को ऐसा बर्बर कदम उठाने पर मजबूर किया।

पुलिस कार्रवाई और जांच

घटना के बाद जब नंदनी अस्पताल पहुंची तो जगन्नाथ वहां भी उसे धमकाने आ गया और शिकायत न करने की धमकी दी। यह देख मोहल्लेवालों ने उसे पकड़ लिया और जमकर पिटाई की। मौके पर पहुंचे लोहिया चौकी प्रभारी ने भीड़ से उसे छुड़ाया और हिरासत में लिया। गोमतीनगर पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है। इंस्पेक्टर ब्रजेश चंद्र तिवारी ने बताया कि मां नंदनी से तहरीर मांगी गई है। तहरीर मिलते ही जगन्नाथ के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया जाएगा।

सवाल और चिंताएं

  • क्या समाज में सौतेले रिश्तों के प्रति संवेदनशीलता की कमी है?
  • क्या घरेलू हिंसा और बच्चों के प्रति क्रूरता के मामलों को रोकने के लिए सख्त निगरानी की ज़रूरत है?
  • क्या पारिवारिक मतभेदों का बोझ बच्चों को उठाना पड़ रहा है?

यह घटना महज़ एक हत्या नहीं है, यह पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है कि पारिवारिक ताने-बाने में दरार अगर वक्त रहते नहीं भरी गई, तो उसकी कीमत मासूम जिंदगियां चुकाती रहेंगी।


मैं विवेक शर्मा, समाजसेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट, आप सभी के समक्ष “पब्लिक की बात” एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ मंच, जो आम जनता की आवाज़ को मजबूती और ईमानदारी के साथ सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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