उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र स्थित धौरहरा गांव में बुधवार देर शाम एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। इस हृदयविदारक घटना में एक दंपती की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान 58 वर्षीय गजराज यादव और उनकी पत्नी 55 वर्षीय गीता देवी के रूप में हुई है।
हादसा कैसे हुआ?
बुधवार की शाम लगभग 6 बजे के करीब गीता देवी रोज की तरह घर में लगी पानी की मोटर चालू करने गई थीं। लेकिन उस समय मोटर में किसी तकनीकी खराबी या लीकेज के चलते करंट दौड़ रहा था। जैसे ही उन्होंने मोटर को छूने की कोशिश की, वो करंट की चपेट में आ गईं और मोटर से चिपक गईं।
उनकी चीख-पुकार सुनकर पति गजराज यादव तुरंत वहां पहुंचे और बचाने की कोशिश की, लेकिन वो भी करंट की चपेट में आ गए। कुछ ही सेकंडों में दोनों ज़मीन पर गिर पड़े और बेहोश हो गए।
परिवार का दर्द
घटना के समय दोनों के बेटे हरिशंकर यादव ने यह देखा और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
गजराज यादव अपने परिवार की जिम्मेदारी खेती-किसानी से निभाते थे, जबकि उनकी पत्नी गीता देवी एक साधारण गृहिणी थीं। उनका परिवार बेहद सादा जीवन जीने वाला था, इसलिए यह हादसा न केवल उनके लिए बल्कि पूरे गांव के लिए हिला देने वाला बन गया।
गांव में छाया मातम
इस हादसे की खबर फैलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। लोग दंपती को बेहद मिलनसार और मेहनती मानते थे। उनकी अचानक और एक साथ मौत से पूरा इलाका स्तब्ध है। गांव वालों ने इस घटना के बाद बिजली उपकरणों की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं।
पुलिस की कार्रवाई और अपील
गोसाईगंज पुलिस को इस दुर्घटना की जानकारी स्वास्थ्य केंद्र से मिली, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
हालांकि, परिजनों ने किसी के खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी है और इसे एक दुर्घटना मानकर स्वीकार किया है।
पुलिस की ओर से इलाके के सभी नागरिकों से बिजली उपकरणों के प्रयोग में सतर्कता बरतने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि यदि किसी उपकरण में खराबी है तो तुरंत उसे ठीक कराएं और तब तक उसका उपयोग न करें।
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