बेगूसराय (बिहार) – जिले के सिमरिया गंगा धाम क्षेत्र में गुरुवार को अपराधियों ने दिनदहाड़े दहशत फैलाते हुए चार दुकानों पर अंधाधुंध फायरिंग की। बाइक सवार तीन बदमाशों ने रंगदारी की मांग को लेकर घटना को अंजाम दिया, जिससे इलाके में अफरातफरी मच गई। फायरिंग के बाद व्यापारी भयभीत हो गए और सैकड़ों दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं।
फायरिंग और मारपीट, ‘बॉस’ से मिलने की धमकी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बदमाशों ने तीन होटल और एक श्रृंगार दुकान को निशाना बनाया। हथियार लहराते हुए न केवल फायरिंग की, बल्कि दुकानदारों से मारपीट भी की गई। उन्होंने धमकी दी – “बॉस से जाकर मिलो, उसकी बात नहीं मानी तो अंजाम भुगतना पड़ेगा।” हालांकि, बदमाशों ने “बॉस” का नाम नहीं बताया।
जेल से छूटे अपराधी का नेटवर्क?
पीड़ित दुकानदारों का कहना है कि यह हमला एक कुख्यात अपराधी के गुर्गों द्वारा कराया गया, जो हाल ही में जेल से रिहा हुआ है। पहले उसकी गिरफ्तारी से इलाके में शांति थी, लेकिन अब वह फिर से रंगदारी वसूलने के लिए सक्रिय हो गया है। दुकानदारों ने बताया कि पुलिस की सक्रियता के कारण उन्होंने रंगदारी देना बंद कर दिया था, जिससे अपराधियों ने गोलीबारी कर दहशत फैलाने की कोशिश की।
महिलाओं से भी जबरन वसूली, बच्चे की जान खतरे में
घटनास्थल पर मौजूद कुछ महिलाओं ने बताया कि बदमाशों ने उन्हें भी जान से मारने की धमकी दी, जिससे डर के कारण उन्होंने मोबाइल पेमेंट से पैसे भेजे। एक दुकानदार ने बताया कि गोली एक छोटे बच्चे के बगल से गुजर गई, जो दुकान में अपने नाना के साथ सो रहा था।
पुलिस जांच में जुटी, खोखा बरामद
सूचना मिलते ही सदर डीएसपी-2 पंकज कुमार और चकिया थाना पुलिस मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से एक खोखा बरामद किया गया है। डीएसपी ने कहा कि घटना में शामिल अपराधियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस टीम सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर जांच कर रही है।
प्रशासनिक सवाल: क्या रंगदारी के खिलाफ डर खत्म हुआ?
यह वारदात साफ दर्शाती है कि बेगूसराय में अपराधी अब भी निडर हैं। पुलिस और प्रशासन को यह तय करना होगा कि क्या महज जांच और आश्वासन से कानून व्यवस्था बहाल की जा सकती है, या फिर किसी ठोस रणनीति की जरूरत है।
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