गुरुग्राम में पुलिसकर्मी पर जानलेवा हमला: “मैं पुलिस स्टाफ हूं, मुझे गोली मत मारो…” — बदमाशों के निशाने पर हेड कॉन्स्टेबल

हरियाणा के गुरुग्राम शहर से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां क्राइम ब्रांच में तैनात हेड कॉन्स्टेबल दलजीत पर दो बदमाशों ने हमला कर दिया। जान पर बन आने के बाद कॉन्स्टेबल ने बदमाशों से हाथ जोड़कर जान की भीख मांगी और कहा —

मैं पुलिस स्टाफ हूं, मुझे गोली मत मारो…

यह पूरी घटना 1 अगस्त की रात करीब 11 बजे के बाद की है, जब हेड कॉन्स्टेबल दलजीत एक सूचना के आधार पर ब्रिस्टल चौक के पास चिकन कॉर्नर पर संदिग्ध बाइक सवारों को पकड़ने पहुंचे थे।

🕵️‍♂️ कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम?

मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर हेड कॉन्स्टेबल ने चिकन कॉर्नर पर संदिग्धों की घेराबंदी की। करीब 11:10 बजे, जैसे ही दो युवक बाइक पर वहां पहुंचे, मुखबिर ने इशारा किया कि इन युवकों में से एक के पास अवैध पिस्टल है।

  • दलजीत तुरंत उन पर कार्रवाई करने पहुंचे।
  • पूछताछ के दौरान एक बदमाश भागने की कोशिश करने लगा।
  • दलजीत ने उसका पीछा कर उसे पकड़ लिया।
  • तभी दूसरा बदमाश मौके पर पहुंचा और देसी कट्टा निकालकर दलजीत की छाती पर तान दिया।
  • उसी वक्त एक बदमाश जोर-जोर से चिल्लाने लगा —

ये ऐसे नहीं मानेगा… इसको गोली मार दे!

🚨 जान बचाने की गुहार

जब जिंदगी और मौत के बीच फंसे थे हेड कॉन्स्टेबल दलजीत, तब उन्होंने बदमाश से विनती की और कहा:

मैं पुलिस स्टाफ हूं, मुझे गोली मत मारो.

हालांकि बदमाश ने गोली नहीं चलाई, लेकिन पिस्टल लहराते हुए हवाई फायर कर दिया और फिर अपने साथी को छुड़वाकर मौके से फरार हो गया।

👥 आरोपियों की पहचान और पुलिस कार्रवाई

  • दोनों हमलावरों की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है।
  • घटना की जानकारी दलजीत ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी।
  • इसके बाद DLF फेज-1 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अब CCTV फुटेज खंगाल रही है और संभावित ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

🧠 क्या कहता है ये मामला?

यह घटना न सिर्फ गुरुग्राम पुलिस के लिए एक चेतावनी है, बल्कि यह दिखाता है कि अपराधी कितने बेखौफ हो चुके हैं। खुलेआम हथियार लेकर घूमना और पुलिसकर्मी पर जानलेवा हमला करना दर्शाता है कि अवैध हथियारों का नेटवर्क शहर में सक्रिय है।

🔒 पुलिस को क्या करना चाहिए?

  • संदिग्ध क्षेत्रों में रात के समय पेट्रोलिंग और बढ़ाई जाए।
  • मुखबिर तंत्र को और मजबूत किया जाए।
  • अवैध हथियारों की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।
  • हेड कॉन्स्टेबल दलजीत जैसे साहसी अफसरों को सुरक्षा और सम्मान मिलना चाहिए।

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