मध्य प्रदेश के कटनी की रहने वाली 27 वर्षीय अर्चना तिवारी की गुमशुदगी का मामला अब रहस्य में बदलता जा रहा है। 7 अगस्त की रात नर्मदा एक्सप्रेस से अपने घर लौट रही अर्चना, चलते सफर में अचानक गायब हो गई और 8 दिन बीत जाने के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं लग सका है।
घटना कैसे हुई?
अर्चना तिवारी, जो इंदौर में रहकर सिविल जज की तैयारी कर रही थी, रक्षाबंधन मनाने के लिए कटनी लौट रही थी।
- ट्रेन: नर्मदा एक्सप्रेस
- कोच: AC B3
- बर्थ नंबर: 3
- तारीख: 7 अगस्त
रात 10:16 बजे उसने अपनी चाची को फोन कर बताया कि वह भोपाल के पास है। यह उसका आखिरी ज्ञात कॉल था।
गायब होने का सिलसिला
- 8 अगस्त की सुबह परिवार कटनी साउथ स्टेशन पर लेने पहुंचा, लेकिन अर्चना ट्रेन में नहीं थी।
- कोच में उसका बैग मिला, जिसमें राखी, रूमाल और बच्चों के लिए गिफ्ट रखे थे।
- उसका मोबाइल फोन नर्मदापुरम जिले के नर्मदा रेलवे ब्रिज के पास आखिरी बार लोकेट हुआ।
इसके बाद SDRF और होमगार्ड ने नर्मदा नदी में तलाशी अभियान शुरू किया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
जांच और पुलिस की कार्रवाई
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन की जीआरपी ने देशभर के सभी SHO और SP को ऑल इंडिया सर्चिंग ऑर्डर जारी किया है।
पुलिस अब तीन मुख्य पहलुओं पर जांच कर रही है:
- दुर्घटना की संभावना – क्या ट्रेन से गिरने की वजह से यह हादसा हुआ?
- अपहरण या अपराध – क्या किसी ने जबरदस्ती उसे ट्रेन से उतारा?
- स्वेच्छा से गायब होना – क्या अर्चना खुद किसी वजह से लापता हुई?
भोपाल, नर्मदापुरम, इटारसी, जबलपुर और कटनी की जीआरपी टीमें लगातार सर्च अभियान चला रही हैं।
परिवार की पीड़ा
अर्चना के भाई अभिषेक तिवारी का कहना है कि बहन हर साल रक्षाबंधन पर राखी बांधने आती थी, लेकिन इस बार वह रहस्यमय तरीके से गायब हो गई। पिता के निधन के बाद अर्चना ही परिवार की उम्मीद थी। पूरा परिवार उसकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहा है।
जनता और संगठनों की अपील
कटनी यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष दिव्यांशु मिश्रा ने घोषणा की है कि जो कोई भी अर्चना के बारे में जानकारी देगा, उसे ₹51,000 नकद इनाम दिया जाएगा। स्थानीय लोग सोशल मीडिया और पोस्टर के जरिए अर्चना की तलाश में मदद कर रहे हैं।
अब भी अनसुलझा रहस्य
8 दिन बीत जाने के बावजूद अर्चना की कोई ठोस खबर नहीं मिली है। यह मामला अब पूरे मध्य प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुका है। परिजन और प्रशासन उम्मीद लगाए हुए हैं कि अर्चना जल्द ही सुरक्षित मिल जाएगी, लेकिन हर बीतते दिन के साथ चिंता बढ़ती जा रही है।
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