भारत-चीन संबंधों में एक अहम मोड़ आता दिख रहा है। चीनी विदेश मंत्री वांग यी दो दिवसीय भारत दौरे पर पहुंचे और उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से व्यापक वार्ता की। इस मुलाकात में वांग यी ने भारत की तीन बड़ी चिंताओं—फर्टिलाइज़र, रेयर अर्थ मिनरल्स और सुरंग खोदने वाली मशीनों की आपूर्ति—को दूर करने का वादा किया। यह आश्वासन ऐसे समय में आया है जब भारत पर अमेरिका द्वारा भारी टैरिफ का दबाव है।
रेयर अर्थ मिनरल्स पर समझौता
भारत लंबे समय से रेयर अर्थ मिनरल्स की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चीन के साथ बातचीत कर रहा है। ये मिनरल्स इलेक्ट्रिक वाहनों, पवन टर्बाइन और रक्षा उद्योग जैसे क्षेत्रों के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। वांग यी के आश्वासन से इन क्षेत्रों में निवेश और उत्पादन को नई गति मिलने की संभावना है।
सीमा पर तनाव घटाने पर चर्चा
वार्ता के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने विशेष रूप से पूर्वी लद्दाख की स्थिति का ज़िक्र किया और स्पष्ट किया कि दोनों देशों को संबंध सुधारने के लिए आपसी सम्मान, संवेदनशीलता और परस्पर हितों के सिद्धांतों पर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा को टकराव में बदलने से बचना होगा।
वांग यी और जयशंकर की मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा (एससीओ शिखर सम्मेलन के लिए) प्रस्तावित है। यह दौरा गलवान घाटी (2020) के बाद बिगड़े रिश्तों में सुधार का संकेत माना जा रहा है।
आतंकवाद और सुरक्षा सहयोग
जयशंकर ने आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई को भी प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि भारत-चीन को सिर्फ आर्थिक ही नहीं, बल्कि सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दों पर भी सहयोग करना चाहिए।
डोभाल से भी वार्ता
चीनी विदेश मंत्री वांग यी अपनी इस यात्रा के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल से भी मुलाकात करेंगे। सीमा विवाद और सुरक्षा सहयोग पर दोनों नेताओं की विशेष प्रतिनिधि (SR) स्तर की वार्ता मंगलवार को होगी।
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