उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निशातगंज इलाके में एक व्यवसायी के घर से 1 करोड़ के जेवर और 50 लाख रुपये नकद चोरी हो गए। चौंकाने वाली बात यह है कि इस वारदात को किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि घर के नौकर जितेंद्र पंडित और उसकी पत्नी विभा देवी ने अंजाम दिया।
पीड़िता शालिनी मिश्रा ने एफआईआर दर्ज कराई और बताया कि जितेंद्र और उसकी पत्नी पिछले 12 साल से घर में काम कर रहे थे। इतने लंबे समय में परिवार का भरोसा जीतकर नौकर ने धीरे-धीरे नकदी और गहनों पर हाथ साफ किया।
🔎 कैसे खुला राज?
जब शुक्रवार सुबह शालिनी ने अलमारी खोली तो लॉकर से गहने और नकदी गायब मिली। शक होने पर जब नौकर से पूछताछ की गई तो उसने चोरी कबूल कर ली।
💰 चोरी का निवेश प्लान
जितेंद्र ने बताया कि चोरी किए हुए पैसों को उसने बैंक खातों, एफडी, एसआईपी, बीमा पॉलिसियों और यहां तक कि जमीन व जेवर खरीदने में लगाया। उसने रकम कई परिचितों जैसे लल्लन पंडित, रमन पंडित, चंददेव पंडित, बजरंग पंडित और संतोष पंडित के खातों में भी ट्रांसफर की।
साथ ही, एक एचडीएफसी बैंक कर्मचारी शम्भू से उसने यह तरीका सीखा कि चोरी के पैसे को किस तरह निवेश किया जाए ताकि पकड़ा न जाए।
🚨 फरार आरोपी
हालांकि जब पीड़िता ने पुलिस बुलाने की बात कही तो नौकर रोने लगा और भरोसा दिलाया कि अगले दिन सारे पैसे और निवेश का हिसाब देगा। लेकिन अगले ही दिन जितेंद्र और उसकी पत्नी फरार हो गए।
📌 फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।
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