1-एशिया कप और भारत-पाक मुकाबला
एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला 14 सितंबर को दुबई में खेला जाना है। भारत-पाक मैच हमेशा से ही क्रिकेट फैंस के लिए सबसे रोमांचक और हाई-वोल्टेज मुकाबला माना जाता है। दोनों देशों के बीच क्रिकेट की टक्कर सिर्फ खेल नहीं बल्कि राजनीति और कूटनीति से भी जुड़ जाती है।
2-हरभजन सिंह का बयान
टीम इंडिया के पूर्व स्टार स्पिनर और वर्ल्ड कप विजेता खिलाड़ी हरभजन सिंह (भज्जी) ने इस बार बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि:
- भारत को पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच नहीं खेलना चाहिए।
- “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद जब हालात इतने संवेदनशील हैं तो पाकिस्तान के साथ न तो खेल होना चाहिए और न ही व्यापार।
- क्रिकेट से पहले भारत-पाक रिश्तों में सुधार होना जरूरी है।
हरभजन ने यह भी कहा कि “हमारी सरकार का जो भी रुख होगा, उसका सम्मान किया जाना चाहिए। लेकिन मेरी व्यक्तिगत राय यही है कि जब तक हालात सामान्य नहीं होते, क्रिकेट या व्यापार किसी भी स्तर पर नहीं होना चाहिए।”
3- ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ
- साल की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए।
- इसके बाद भारत सरकार ने जवाबी कार्रवाई के तहत ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया।
- इस घटना के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ किसी भी तरह का द्विपक्षीय खेल और व्यापार रोकने की नीति बनाई।
- यानी अब भारत सिर्फ बहुपक्षीय टूर्नामेंट (जैसे वर्ल्ड कप, एशिया कप) में ही पाकिस्तान से भिड़ सकता है।
4- भारत सरकार की नीति
- सरकार का स्पष्ट रुख है कि जब तक पाकिस्तान आतंकी गतिविधियों पर अंकुश नहीं लगाता और रिश्ते सामान्य नहीं होते, तब तक क्रिकेट, व्यापार या किसी भी तरह का सहयोग नहीं होना चाहिए।
- हरभजन ने भी इस नीति को दोहराया और कहा कि उनकी राय भी यही है।
5- हरभजन का निजी अनुभव और उदाहरण
भज्जी ने यह भी कहा कि:
- “हम लीजेंड्स (वेटरन्स) टूर्नामेंट में भी पाकिस्तान के खिलाफ खेलने से बचे थे।”
- इसका मतलब है कि सिर्फ सरकारी स्तर पर नहीं बल्कि खिलाड़ी भी इस समय पाकिस्तान से खेलने को लेकर सहज नहीं हैं।
सारांश
हरभजन सिंह का बयान सिर्फ एक क्रिकेट मैच पर टिप्पणी नहीं है, बल्कि भारत-पाक रिश्तों, आतंकवाद और राजनीति से जुड़ा है। उनका मानना है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद पर कार्रवाई नहीं करता और रिश्तों में सुधार नहीं आता, तब तक क्रिकेट जैसी गतिविधियों से बचना चाहिए।
यानी, एशिया कप का मैच भले ही तय है, लेकिन इसको लेकर भारत में क्रिकेटरों और जनता के बीच मतभेद साफ नजर आ रहे हैं।
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