रविवार देर शाम उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के मसूरी थाना क्षेत्र स्थित मसौता गांव में जमकर बवाल हुआ। मामूली विवाद ने जातीय रंग पकड़ लिया और दलित व राजपूत पक्ष आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से पथराव हुआ, जिससे गांव में तनाव फैल गया। हालात बिगड़ने पर भारी संख्या में पुलिस बल और पीएसी तैनात करनी पड़ी।
📌 कैसे शुरू हुआ विवाद?
- विवाद की शुरुआत शनिवार को हुई।
- आरोप है कि दलित युवक की बाइक गांव के ही राजपूत वर्ग के लोगों की कार से टकरा गई।
- कार सवारों ने युवक को थप्पड़ मार दिए।
- इसके बाद युवक अपनी मां को लेकर शिकायत करने गया, तो आरोप है कि राजपूत वर्ग के कुछ लोगों ने मां और बेटों को बंधक बनाकर पीटा।
- इस मामले में पुलिस ने 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
⚡ भीम आर्मी की एंट्री से मामला गर्माया
- रविवार को गांव में भीम आर्मी के नेता और समर्थक पहुंचने लगे।
- इसके बाद मामला और तूल पकड़ गया।
- देर शाम दोनों पक्षों में जमकर पथराव हुआ।
- अफरा-तफरी के माहौल में कई लोग घरों में छुपकर जान बचाते नजर आए।
🚨 पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
- आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में विवाद को हल्के में लिया और पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात नहीं किया।
- देर शाम बवाल बढ़ने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात संभाले।
- अब गांव में शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात कर दी गई है।
- अब तक 6 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य की पहचान जारी है।
🎥 सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही
मसूरी के कार्यवाहक सहायक पुलिस आयुक्त अमित सक्सेना ने बताया कि:
- मसौता गांव में दो पक्षों के बीच पथराव की सूचना मिली थी।
- पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात काबू किए।
- गांव के कुछ घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
- दोषियों की पहचान कर जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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