बेगूसराय में सियासी संग्राम: अमित शाह और तेजस्वी एक ही दिन, मटिहानी सीट पर अटका समीकरण

बिहार विधानसभा चुनाव में भले अभी कुछ महीने शेष हों, लेकिन बेगूसराय की राजनीति में गर्मी अभी से बढ़ गई है। गुरुवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दोनों का बेगूसराय में दौरा होना इस सीट को और भी हॉटस्पॉट बना रहा है।

अमित शाह का मिशन बेगूसराय

  • अमित शाह गुरुवार को आईओसीएल मैदान में पटना और मुंगेर प्रमंडल के कार्यकर्ताओं का सम्मेलन करेंगे।
  • शाह का मकसद कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र देना और एनडीए के भीतर मौजूद समीकरणों को साधना है।
  • यह दौरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की बिहार यात्रा के बाद हो रहा है, जहां उन्होंने कई योजनाओं की घोषणा की थी।

तेजस्वी यादव का दांव

  • तेजस्वी यादव बुधवार से दो दिवसीय बेगूसराय दौरे पर हैं।
  • गुरुवार को वे मटिहानी विधानसभा क्षेत्र के हासपुर गांव में रैली करेंगे।
  • इसी मंच से वे जदयू के पूर्व विधायक और दबंग छवि वाले नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह को राजद में शामिल कराएंगे।
  • माना जा रहा है कि यह कदम जदयू के लिए बड़ा झटका होगा।

मटिहानी सीट पर तगड़ी जंग

  • पिछले चुनाव में यहां त्रिकोणीय मुकाबले में सीपीएम के राजेंद्र सिंह बेहद कम अंतर से हारे थे।
  • अब बोगो सिंह के राजद में आने से महागठबंधन में ही तनाव बढ़ गया है, क्योंकि कांग्रेस और वाम दल पहले ही विरोध जता चुके हैं।
  • दूसरी ओर एनडीए में भी पेच है — मौजूदा विधायक राजकुमार सिंह (जदयू) और चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास), दोनों ही इस सीट पर दावा ठोक रहे हैं।

क्यों अहम है ये सीट?

  • बेगूसराय को ‘पूरब का लेनिनग्राद’ कहा जाता है, जहां का चुनावी गणित हमेशा चर्चा में रहता है।
  • इस बार मटिहानी सीट पर दावेदारी महागठबंधन और एनडीए दोनों के लिए सिरदर्द बन गई है।
  • यही वजह है कि अमित शाह और तेजस्वी यादव दोनों का एक ही दिन यहां आना राजनीतिक मायनों से बेहद अहम है।

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