बिहार की राजनीति में जन सुराज पार्टी के नेता और चर्चित चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने ऐसा बयान दिया जिसने सभी को चौंका दिया। पीके ने कहा –
👉 “अगर मैं डगमगा गया, जैसा कह रहा हूं वैसा नहीं रहा, तो मुझे नर्क में भी जगह नहीं मिलेगी। क्योंकि इतने लोगों की उम्मीदें जुड़ी हुई हैं। तब पूरे देश में कहा जाएगा कि प्रशांत किशोर से बड़ा ठग कोई पैदा नहीं हुआ।”
✦ क्यों दिया इतना सख्त बयान?
प्रशांत किशोर ने समझाया कि पिछले 3 सालों से वह पैदल बिहार का दौरा कर रहे हैं और लोगों से सीधा जुड़ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अगर इस सफर के बाद वह जनता से किया वादा तोड़ देंगे तो यह सबसे बड़ी धोखाधड़ी होगी।
✦ महिला की अपील ने भावुक किया
पीके ने एक किस्सा साझा करते हुए कहा –
“मैं गाड़ी से जा रहा था, तभी एक महिला ने मेरा हाथ पकड़कर कहा कि यह मेरी 8 साल की बेटी है। मैं कभी इसे पढ़ा नहीं सकती थी। लेकिन आपकी बात सुनकर अब इसे पढ़ा रही हूं। आप हमें धोखा मत दीजिएगा।”
उन्होंने बताया कि ऐसे लोग रोजाना उनसे मिलते हैं और यही वजह है कि उन्हें जनता की उम्मीदों का बोझ सबसे ज्यादा महसूस होता है।
✦ ‘एडजस्टमेंट’ की राजनीति से दूरी
प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि राजनीति में अक्सर समझौते की बात होती है।
“लोग कहते हैं कि फलां आदमी को पार्टी में शामिल कर लो, भले ही वो बालू माफिया क्यों न हो। लेकिन मैं ऐसे एडजस्टमेंट में भरोसा नहीं करता। अगर यही करना होता तो 3 साल इतनी मेहनत क्यों करता?”
✦ बिहार की राजनीति में खलबली
पीके ने अपने बयान में भाजपा और जेडीयू नेताओं – सम्राट चौधरी, मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, संजय जायसवाल और अशोक चौधरी – पर भी निशाना साधा।
उनका कहना है कि जनता बदलाव चाहती है, लेकिन पारंपरिक राजनीति केवल “एडजस्टमेंट और समझौते” पर टिकी हुई है।
✅ कुल मिलाकर, प्रशांत किशोर ने साफ कर दिया है कि अगर वह अपने मिशन से भटके तो खुद को सबसे बड़ा “ठग” मानेंगे और नर्क में जगह पाने लायक भी नहीं समझेंगे।
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