🏡 खेलते-खेलते मौत के मुंह में गए मासूम
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के चिरगांव थाना क्षेत्र के बिठरी गांव में बुधवार शाम एक हृदयविदारक हादसा हुआ।
गांव के रहने वाले रामलाल वाल्मीकि के दो छोटे बेटे — 5 वर्षीय मयंक और 3 वर्षीय आरभ — घर के पास खेल रहे थे, तभी दोनों बिजली के खंभे में करंट की चपेट में आ गए।
कुछ ही पलों में दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
⚡ करंट लगे पोल ने छीनी मासूमों की जिंदगी
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों बच्चे शाम करीब 4 बजे अपने घर के बाहर खेल रहे थे।
खेलते-खेलते दोनों पास के लोहे के बिजली पोल को छू बैठे, जिसमें तेज करंट प्रवाहित हो रहा था।
करंट लगते ही दोनों बच्चे वहीं गिर पड़े और बुरी तरह झुलस गए।
परिवार वालों ने जैसे ही बच्चों को गिरा देखा, चीख-पुकार मच गई।
उन्हें तुरंत चिरगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
😭 घर में कोहराम, गांव में सन्नाटा
दोनों मासूमों की मौत की खबर से पूरे गांव में मातम छा गया।
मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है, और गांव के लोग भी इस दर्दनाक हादसे से सदमे में हैं।
गांव के कई लोग बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जता रहे हैं।
⚖️ परिजनों ने लगाया गंभीर आरोप
शोक में डूबे परिवार ने हादसे के लिए गांव के ही एक व्यक्ति गौतम अहिरवार को जिम्मेदार ठहराया है।
परिजनों का कहना है कि गौतम ने अवैध रूप से बिजली का तार खंभे से जोड़ा था, जिससे पोल में करंट दौड़ गया और यह हादसा हुआ।
ग्रामीणों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
👮 पुलिस और प्रशासन सक्रिय
घटना की सूचना मिलते ही चिरगांव थाना प्रभारी निरीक्षक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण, पंचनामा भरने और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
फिलहाल, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और बिजली विभाग को भी घटना की जानकारी दी गई है।
बिजली व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
इस हादसे ने ग्रामीण इलाकों में बिजली की अवैध कनेक्शन व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने छोटे बच्चों को अपनी जान क्यों गंवानी पड़ी —
किसकी लापरवाही से यह त्रासदी हुई?
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