हरियाणा में फिर गूंजी गोली — ASI ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा- IPS पूरन कुमार ने किया प्रताड़ित, DGP पर जताया भरोसा

हरियाणा पुलिस महकमे में एक और सनसनीखेज घटनाक्रम — रोहतक साइबर सेल में तैनात एएसआई संदीप कुमार ने सरकारी पिस्टल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
लेकिन ये सिर्फ एक “सुसाइड केस” नहीं है… क्योंकि पीछे छूट गया है तीन पन्नों का सुसाइड नोट और एक वीडियो मैसेज, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे हैं।

🔴 IPS पूरन कुमार पर गंभीर आरोप

अपने सुसाइड नोट में एएसआई संदीप ने दिवंगत आईपीएस अधिकारी वाई. पूरन कुमार पर भ्रष्टाचार, जातिवाद और मानसिक उत्पीड़न जैसे संगीन आरोप लगाए हैं।
नोट में लिखा है कि “आईजी पूरन कुमार ने भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की तैनाती की, ईमानदार अफसरों को साइडलाइन किया और जातिवाद के ज़हर से सिस्टम को हाईजैक कर दिया।”

एएसआई ने दावा किया कि पूरन कुमार के गनमैन और करीबी सहयोगी सुशील कुमार के खिलाफ वह एक अहम केस की जांच कर रहे थे — और यहीं से टकराव शुरू हुआ।

🟡 “मैंने भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ शहादत दी है”

सुसाइड नोट में संदीप कुमार ने खुद को “सच्चाई के रास्ते का सैनिक” बताया।
उन्होंने लिखा —

“मैं भगत सिंह को अपना आदर्श मानता हूं। भ्रष्टाचार और जातिवाद इस देश के असली दुश्मन हैं। अगर मेरी जान जाती है तो ये सच्चाई की लड़ाई की पहली आहुति होगी।”

उन्होंने हरियाणा के डीजीपी को “ईमानदार और निडर” बताया, और लिखा कि भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ निष्पक्ष जांच जरूरी है।

पूरन कुमार की भी आत्महत्या – लेकिन कहानी उलटी

याद दिला दें, 7 अक्टूबर 2025 को आईपीएस वाई. पूरन कुमार ने भी अपने चंडीगढ़ स्थित आवास पर खुद को गोली मारकर जान दे दी थी।
उनके सुसाइड नोट में लिखा था कि “वरिष्ठ अधिकारी और सिस्टम मुझे मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं।”

अब सवाल उठ रहा है —
क्या दोनों आत्महत्याएँ एक ही सिस्टम की साज़िश का हिस्सा हैं,
या फिर भ्रष्टाचार बनाम ईमानदारी की यह जंग दो शहादतों की कहानी बन गई?

🧾 सुसाइड नोट के मुख्य अंश

  • “आईजी दफ्तर में फाइलों के नाम पर रिश्वत ली जाती थी।”
  • “महिला पुलिसकर्मियों और व्यापारियों से यौन व मानसिक उत्पीड़न किया गया।”
  • “भ्रष्टाचार को जातिगत रंग देकर ईमानदार अफसरों को टारगेट किया गया।”
  • “मैं सच्चाई के लिए पहली आहुति दे रहा हूं — सच्चाई की जीत होगी।”

⚖️ जांच की मांग और प्रशासन की चुप्पी

फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
फॉरेंसिक टीम ने सुसाइड नोट और वीडियो को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

पर बड़ा सवाल यह है —
क्या ये मामला सिर्फ दो आत्महत्याओं तक सीमित रहेगा,
या हरियाणा पुलिस के सिस्टम में छिपी भ्रष्टाचार की गहराई अब बेनकाब होगी?


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