“उल्टी गैंग” का पर्दाफाश: ऑटो में बैठकर लूट करने वाली 6 महिलाएं गिरफ्तार, तीन दिन में तीन वारदात का खुलासा

लखनऊ में “उल्टी गैंग” की करतूतें: ऑटो में बैठकर करती थीं सुनियोजित लूट

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ एक खास तरह की लूट से दहल उठी, जिसे पुलिस ने नाम दिया — “उल्टी गैंग”। यह गैंग ऑटो में बैठकर सफर करने के बहाने अकेली महिलाओं को निशाना बनाती थी। गैंग की सदस्य ज़्यादातर महिलाएं थीं जो उल्टी करने का नाटक करके लूट को अंजाम देती थीं।

पिछले कुछ दिनों में लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में इस महिला गिरोह ने तीन बड़ी वारदातों को अंजाम दिया:

24 अक्टूबर: चिनहट के हंसविहार कॉलोनी में सीमा श्रीवास्तव के गले से सोने की चेन छीनी गई।

27 अक्टूबर: विभूतिखंड की किरन के मंगलसूत्र को टेंपो में उल्टी का बहाना बनाकर लूटा गया।

29 अक्टूबर: विरामखंड की निशा वर्मा को ई-रिक्शा में निशाना बनाकर चेन उड़ाई गई।

इन सभी मामलों में एक ही पैटर्न सामने आया — कुछ महिलाएं ई-रिक्शा या टेंपो में पहले से बैठी होतीं, और रास्ते में उल्टी का बहाना कर धक्का-मुक्की कर सोना व रुपए लूट लेतीं। ड्राइवर भी इस गैंग से मिला हुआ था, जो वारदात के बाद बिना किराया लिए ही फरार हो जाता था।

पुलिस की बड़ी सफलता: गैंग की 6 महिलाएं गिरफ़्तार

गोमतीनगर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जेटीआरई के पास से छह महिलाओं को गिरफ्तार किया। सभी महिलाएं चंदौली जिले की निवासी हैं। उनकी पहचान इस प्रकार है:

  1. माला

  2. ज्योति

  3. अर्चना

  4. नीतू (अर्चना की मां)

  5. लक्ष्मी

  6. वंदना

बरामद सामान:

  • सोने की तीन चेन
  • एक लॉकेट
  • 13,000 रुपये नकद

पुलिस ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और पीड़ितों के बयान के आधार पर इन महिलाओं तक पहुंचा जा सका। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या गिरोह में और भी सदस्य शामिल हैं।

कैसे करती थीं वारदात?

  1. यात्रा का बहाना: शिकार के साथ ऑटो या टेंपो में बैठती थीं।
  2. उल्टी का नाटक: एक सदस्य उल्टी का बहाना कर पैनिक फैलाती।
  3. धक्का-मुक्की: हंगामे में गहने उड़ा लेतीं।
  4. ड्राइवर की मिलीभगत: वारदात के तुरंत बाद ड्राइवर वाहन लेकर भाग जाता।

संदेश: सतर्क रहें, विशेषकर साझा वाहनों में

  • अकेले यात्रा करते समय खास सतर्कता बरतें।
  • शक होने पर तुरंत रिकॉर्डिंग या अलर्ट करने की कोशिश करें।
  • साझा वाहनों में बैठे अजनबियों पर ध्यान दें।

इस मामले ने दिखाया है कि गैंग आपसी तालमेल से लूट की घटनाओं को अंजाम देते हैं, जिनमें ड्राइवर तक शामिल हो सकता है। ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए हर किसी को जागरूक होना जरूरी है।


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