Infosys Trading Halted: ADR में एक सत्र में 40% उछाल के बाद न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज का बड़ा फैसला, एहतियातन रोकी गई इंफोसिस की ट्रेडिंग

बिज़नेस डेस्क | विशेष रिपोर्ट (आवाज़ प्लस)।
भारत की दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस लिमिटेड (Infosys Ltd.) के शेयरों को लेकर अमेरिकी बाजार में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज (NYSE) ने इंफोसिस के अमेरिकन डिपॉजिटरी रिसीट (ADR) में असामान्य तेजी के बाद उसकी ट्रेडिंग को अस्थायी रूप से रोक दिया है।

दरअसल, अमेरिकी बाजार में इंफोसिस के ADR में एक ही ट्रेडिंग सत्र में करीब 40 फीसदी की तेज उछाल दर्ज की गई, जिसके चलते ADR का भाव लगभग 27 डॉलर तक पहुंच गया। इतनी तेज और अचानक आई तेजी को देखते हुए NYSE ने एहतियातन यह कदम उठाया।

📌 क्या होता है ADR?

जब कोई भारतीय या विदेशी कंपनी सीधे अमेरिका में लिस्टेड नहीं होती, तो अमेरिकी निवेशकों के लिए उसके शेयरों के प्रतिनिधि के तौर पर ADR (American Depositary Receipt) जारी किए जाते हैं।
ADR, कंपनी के वास्तविक शेयरों का प्रतिनिधित्व करता है और अमेरिकी बाजार में उसी के आधार पर ट्रेड होता है।

📈 गिफ्ट निफ्टी पर भी दिखा असर

इंफोसिस ADR में आई इस तेज़ी का असर भारत से जुड़े डेरिवेटिव मार्केट पर भी देखने को मिला।

  • गिफ्ट निफ्टी 220 अंकों से ज्यादा उछल गया, जिससे बाजार में शुरुआती मजबूती के संकेत मिले।
  • हालांकि घरेलू शेयर बाजार में इंफोसिस के शेयरों में उतनी बड़ी हलचल नहीं दिखी।
  • NSE पर इंफोसिस का शेयर 0.7% की बढ़त के साथ 1,638 रुपये पर बंद हुआ।

🌍 वैश्विक IT सेक्टर से मिले सकारात्मक संकेत

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तेजी के पीछे वैश्विक आईटी सेक्टर से आए सकारात्मक संकेत भी बड़ी वजह रहे।
खासतौर पर Accenture के पहली तिमाही के नतीजों के बाद भारतीय आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।

Accenture ने अपने नतीजों में बताया कि—

  • कुल टेक्नोलॉजी खर्च साल-दर-साल लगभग स्थिर है
  • जनरेटिव AI में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है
  • AI का योगदान नई बुकिंग्स में 11% और राजस्व में 6% रहा
  • एडवांस्ड AI बुकिंग्स 76% बढ़कर 2.2 अरब डॉलर तक पहुंच गईं

इससे आईटी सेक्टर के आउटलुक को लेकर निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ।

📊 जनवरी में आएंगे इंफोसिस के तिमाही नतीजे

इसी बीच, इंफोसिस ने अपने दिसंबर तिमाही (Q3 FY26) के नतीजों की तारीख भी घोषित कर दी है।
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि—

  • 13 और 14 जनवरी, 2026 को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक होगी
  • इस बैठक में 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त तिमाही और नौ महीनों के वित्तीय नतीजों पर विचार कर उन्हें मंजूरी दी जाएगी
  • 14 जनवरी, 2026 को नतीजे जारी किए जाएंगे

🔎 निवेशकों के लिए क्या मायने?

ADR में असामान्य तेजी के बाद ट्रेडिंग रोकना एक नियामकीय और एहतियाती कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि निवेशकों को—

  • ADR और घरेलू शेयरों की कीमतों के अंतर
  • वैश्विक आईटी सेक्टर के संकेत
  • और आगामी तिमाही नतीजों

पर करीबी नजर बनाए रखनी चाहिए।

✍️ विशेष रिपोर्ट: अर्जित राज श्रीवास्तव
आवाज़ प्लस


मैं विवेक शर्मा, समाजसेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट, आप सभी के समक्ष “पब्लिक की बात” एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ मंच, जो आम जनता की आवाज़ को मजबूती और ईमानदारी के साथ सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पब्लिक की बात का उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी को सशक्त करना है। हम राजनीति, प्रशासन, भ्रष्टाचार, सामाजिक सरोकारों और ज़मीनी सच्चाइयों से जुड़ी खबरों को निष्पक्ष, तथ्यपरक और निर्भीक रूप से आप तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं।

यह मंच उन सवालों की आवाज़ है जो अक्सर दबा दिए जाते हैं, उन मुद्दों का आईना है जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है, और उन आम लोगों का प्रतिनिधि है जिनकी बात सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुँच पाती।

पब्लिक की बात — क्योंकि सवाल पूछना और सच दिखाना लोकतंत्र की ताकत है।

Click to Un-Mute
WhatsApp icon
Public Ki Baat
Contact us!
Phone icon
Public Ki Baat