📍 मांडा (प्रयागराज)
तीन दिन से बिजली की आंखमिचौली से त्रस्त मांडा खास फीडर के लोग आखिरकार सड़क पर उतर आए। भीषण गर्मी, उमस और रात भर की अंधेरी परेशानी से बेहाल उपभोक्ताओं ने मांडा थाने का घेराव कर एसडीओ और जेई के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।
जनता ने साफ शब्दों में कहा — “अगर बिजली नहीं आई, तो विभाग के अफसर चैन से नहीं बैठेंगे!“

⚡ बिजली व्यवस्था चरमराई, जवाबदेही नदारद
मांडा रोड विद्युत उपकेंद्र की बिजली व्यवस्था पूरी तरह बेपटरी हो चुकी है।
बिजली कब आएगी, कब जाएगी — इसका कोई शेड्यूल नहीं।
शुक्रवार की रात भी जैसे-तैसे बिजली आई, कुछ ही देर बाद फिर चली गई। भीषण उमस और बारिश ने मिलकर आम लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।
📞 न SDO जवाब देता, न JE – संविदा कर्मी बने मालिक
जब लोगों ने विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की, तो किसी ने फोन तक उठाना मुनासिब नहीं समझा।
जनता का कहना है — “संविदा कर्मी और अफसर सिर्फ रिश्वत लेने के लिए बैठे हैं, जनता के दुख-दर्द से इनका कोई मतलब नहीं।”
🪧 विजय द्विवेदी के नेतृत्व में हुआ प्रदर्शन
गुस्साए लोग रात 10 बजे मांडा थाने पहुंचे और नारेबाजी शुरू कर दी —
“बिजली माफिया होश में आओ!”
“अंधेरे में जीना अब और नहीं!”
थानाध्यक्ष को सौंपे गए ज्ञापन में जनता ने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल नहीं हुई, तो क्षेत्र में उग्र आंदोलन होगा।
❗ अफसरशाही बनाम आम आदमी
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क्या बिजली विभाग सिर्फ मीटर काटने और नोट वसूलने के लिए है?
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क्या SDO और JE जनता के सेवक हैं या तानाशाह?
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कब तक संविदा कर्मियों की मनमानी पर पर्दा डाला जाएगा?
🔴 जनता की मांगें:
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मांडा खास फीडर की बिजली व्यवस्था तुरंत दुरुस्त की जाए
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जिम्मेदार अधिकारियों और संविदा कर्मियों पर विभागीय कार्रवाई हो
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स्थायी समाधान के लिए उच्चस्तरीय जांच बिठाई जाए
📢 “हम बिजली बिल भरते हैं, भीख नहीं मांगते। बिजली दो – इंसाफ दो!”
— मांडा के प्रदर्शनकारी
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