लटके तार बने काल: लौटते वक्त करंट की चपेट में आया मजदूर

कानपुर/सरसौल । थाना महाराजपुर क्षेत्र के भारतपुर गांव में बिजली विभाग की लापरवाही एक 35 वर्षीय युवक की मौत का कारण बन गई। शटरिंग का कार्य कर अपने परिवार का पालन-पोषण करने वाला धीरज (पुत्र स्व. देशराज), शनिवार देर रात करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

धीरज सरसौल के भारतपुरवा का निवासी था। देर रात काम से लौटते वक्त गांव स्थित काली मंदिर के पास लगे बिजली के खंभे से निकले अर्थ के खुले तार से उसे जोरदार करंट लगा। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह धीरज को निकाला और तत्काल सरसौल सीएचसी पहुंचाया, जहां से उसे गंभीर हालत में कांशीराम अस्पताल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद धीरज को मृत घोषित कर दिया।

मृतक के परिवार में पत्नी ललिता और दो छोटे बच्चे विकास और विवेक हैं। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पहले से दर्ज थीं शिकायतें, नहीं हुई कार्रवाई

ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि खंभे से निकले कटे और झूलते तारों की शिकायतें कई बार स्थानीय अधिकारियों से की गई थीं, लेकिन विभाग ने कोई सुनवाई नहीं की। यदि समय रहते तारों को ठीक कर दिया गया होता, तो धीरज की जान बच सकती थी।

पुलिस जांच में जुटी, परिजनों की तहरीर का इंतजार

सरसौल चौकी प्रभारी रविशंकर ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट और परिजनों की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कब जागेगा बिजली विभाग?

यह कोई पहली घटना नहीं है जब विभागीय लापरवाही के कारण निर्दोष लोगों की जान गई हो। खुले तार, झूलते बिजली के खंभे और समय पर मरम्मत न होने जैसी समस्याएं ग्रामीण इलाकों में आम हो चुकी हैं। सवाल यह उठता है कि क्या किसी की मौत के बाद ही प्रशासन जागेगा?


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