22 सितंबर 2025 से लागू हुए GST 2.0 सुधारों के बाद आम जनता के लिए कई चीजें सस्ती हो गईं। रोटी, दूध, पनीर और किताबों जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं से जीएसटी हटा लिया गया है। लेकिन जनता के मन में बड़ा सवाल यह भी है कि क्या इसका असर पेट्रोल-डीजल, शराब और एलपीजी सिलेंडर पर भी पड़ा है? आइए विस्तार से जानते हैं।
🚘 पेट्रोल-डीजल पर क्या असर पड़ा?
- पेट्रोल और डीजल अभी भी जीएसटी के दायरे में नहीं आते।
- इन पर केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारें वैट (VAT) वसूलती हैं।
- पेट्रोल-डीजल से सरकार की बड़ी कमाई होती है, इसलिए इसे जीएसटी में लाना संभव नहीं हो पाया।
👉 नतीजा: GST 2.0 का पेट्रोल-डीजल की कीमत पर कोई असर नहीं पड़ा।
🍾 शराब हुई सस्ती या नहीं?
- शराब पर टैक्स लगाने का अधिकार पूरी तरह राज्य सरकारों के पास है।
- राज्यों की आय का बड़ा हिस्सा शराब की बिक्री से आता है।
- इसी कारण शराब पर भी जीएसटी लागू नहीं होता।
👉 नतीजा: शराब की कीमत भी जस की तस है। कीमतों में बदलाव तभी होगा जब कोई राज्य अपना VAT या एक्साइज ड्यूटी घटाए।
🔥 LPG सिलेंडर पर GST का असर
- घरेलू LPG सिलेंडर पर 5% और कमर्शियल सिलेंडर पर 18% GST पहले से ही लागू है।
- GST 2.0 में सिलेंडर पर कोई बदलाव नहीं किया गया।
👉 नतीजा: LPG सिलेंडर की कीमतों में भी कोई राहत नहीं मिली।
✅ कहां मिला फायदा?
- दूध, रोटी, पनीर, कॉपी-किताब जैसी रोज़मर्रा की चीजों पर अब कोई GST नहीं लगेगा।
- इससे आम परिवार के खर्च में थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
इसका सीधा मतलब यह है कि पेट्रोल-डीजल और शराब जैसी चीजें अभी भी टैक्स के पुराने ढांचे में ही रहेंगी, जबकि रोजमर्रा की वस्तुओं पर जीएसटी राहत लोगों की जेब हल्की करने में मदद करेगी।
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