“मैं न देखूंगा, न सुनूंगा, न समझूंगा…”
शायद यही रवैया अपनाए बैठे हैं लखनऊ नगर निगम (LMC) अभियंत्रण जोन–7 के जिम्मेदार अफसर और अभियंता, जो एक साल से जनता की समस्या पर आंखें मूंदे हुए हैं।
मामला लखनऊ के इंद्रानगर स्थित वार्ड ‘शहीद भगत सिंह’ के दीन दयाल पुरम कॉलोनी का है, जहां दबंग अतिक्रमणकारियों ने सार्वजनिक रास्ते पर दीवार खड़ी कर सड़क को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया है। यह रास्ता स्थानीय नागरिकों की रोजमर्रा की आवाजाही का प्रमुख मार्ग है।

क्षेत्रीय निवासियों का आरोप है कि पिछले एक वर्ष से अधिक समय से वे जोन अभियंताओं, अधिकारियों और उच्चाधिकारियों को लगातार शिकायतें दे रहे हैं, लेकिन आज तक न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही कोई ठोस कार्रवाई हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि
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बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को निकलने में भारी दिक्कत हो रही है
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आपात स्थिति में वाहन तक नहीं पहुंच पाते
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नगर निगम की चुप्पी दबंगों का मनोबल बढ़ा रही है
सबसे बड़ा सवाल यह है कि
👉 क्या अतिक्रमणकारियों को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है?
👉 क्या LMC सिर्फ कागजों में ही “अतिक्रमण मुक्त शहर” का दावा करता है?
जनता अब जवाब चाहती है,
खामोशी नहीं, कार्रवाई चाहिए।
अगर जल्द ही अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो क्षेत्रीय नागरिक आंदोलन और उच्च स्तर पर शिकायत के लिए मजबूर होंगे।
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