मामला लखनऊ के अकबरी गेट स्थित काज़ी अपार्टमेंट का है, जहां 14 परिवारों के विद्युत संयोजन काट दिए गए हैं क्योंकि बिल्डर पर बिजली विभाग का 41 लाख रुपये का बकाया है। आवंटियों का कहना है कि उन्होंने अपने बिजली बिल का भुगतान किया है, लेकिन विभागीय जिम्मेदारों की गैरजिम्मेदारी और भ्रष्टाचार के कारण उन्हें परेशानी हो रही है।
क्या आपको लगता है कि बिजली विभाग को इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करनी चाहिए और आवंटियों के विद्युत संयोजन को बहाल करना चाहिए?
क्या आप चाहते हैं कि दोषी बिल्डर और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए?
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