फिल्मी गाने पर अवर अभियन्ता द्वारा महिला उपखण्ड अधिकारी का नाम लेते हुए डांस करने के आरोप में हुआ निलंबित

बिजली विभाग के निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन करने बस से लखनऊ जा रहे अवर अभियन्ता का फिल्मी गाने दे दे प्यार…पर महिला उपखण्ड अधिकारी का नाम लेकर गाना गाते हुए डांस करना भारी पड़ गया और महिला उपखण्ड अधिकारी की शिकायत पर संबंधित अवर अभियन्ता को विभाग द्वारा निलंबित कर दिया गया है।

उक्त पूरा मामला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जनपद का है, जहां से एक हैरान कर देने वाला मामला प्रकाश में आया है। दरअसल एक अवर अभियन्ता को महिला उपखण्ड अधिकारी का नाम लेकर गाना गाने से वीडियो के आधार पर शिकायत हो गया, जिस वजह से अवर अभियन्ता को निलम्बित कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि उक्त बस में तीस की संख्या में अवर सवार थे, इसी दौरान मस्ती-मजाक शुरु हो गया और बस में तेज आवाज में फिल्मी गाना बजने लगा और इसी दौरान तीन चार की संख्या में अवर अभियन्ता नृत्य करने लगे और इसी बीच में एक जेई द्वारा महिला उपखण्ड अधिकारी का नाम लेकर गाना गाते हुए डांस किया जाने लगा,जिसका वीडियो वायरल हो गय, जिससे महिला उपखण्ड अधिकारी भड़क गईं और अवर अभियन्ता के खिलाफ शिकायत कर दिया।

सूचना के अनुसार निजीकरण के विरोध में कई अवर अभियन्ता बस से बुलंदशहर से लखनऊ जा रहे थे। बस में मौज मस्ती के लिए गाना बज रहा था। अवर अभियन्ता अपनी मस्ती में इतना चूर था कि उसने सीट पर बैठी एक महिला उपखण्ड अधिकारी का नाम लेकर ‘दे दे प्यार दे’ गाना गाने लगा। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी बनाया गया था, जो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

उक्त जूनियर इंजीनियर का नाम संजीव कुमार बताया जा रहा है। उनकी बिजली घर नंबर दो पर तैनाती है। उसने महिला उपखण्ड अधिकारी का नाम लेकर बॉलीवुड के प्रसिद्ध गीत ‘दे दे प्यार दे’ गाना गाया। इतना ही नहीं, उन्होंने इस गाने पर डांस भी किया। महिला उपखण्ड अधिकारी का पति कृषि विभाग में अधिकारी पद पर तैनात है। उक्त घटना से बिजली विभाग की खूब किरकरी हो रही है।


मैं विवेक शर्मा, समाजसेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट, आप सभी के समक्ष “पब्लिक की बात” एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ मंच, जो आम जनता की आवाज़ को मजबूती और ईमानदारी के साथ सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पब्लिक की बात का उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी को सशक्त करना है। हम राजनीति, प्रशासन, भ्रष्टाचार, सामाजिक सरोकारों और ज़मीनी सच्चाइयों से जुड़ी खबरों को निष्पक्ष, तथ्यपरक और निर्भीक रूप से आप तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं।

यह मंच उन सवालों की आवाज़ है जो अक्सर दबा दिए जाते हैं, उन मुद्दों का आईना है जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है, और उन आम लोगों का प्रतिनिधि है जिनकी बात सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुँच पाती।

पब्लिक की बात — क्योंकि सवाल पूछना और सच दिखाना लोकतंत्र की ताकत है।

Click to Un-Mute
WhatsApp icon
Public Ki Baat
Contact us!
Phone icon
Public Ki Baat