लखनऊ हत्याकांड: मासूम ने टोक दिया, मां और प्रेमी ने ले ली जान

मां-बेटी के रिश्ते को किया शर्मसार – प्रेमी के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ी गई मां, टोकने पर 7 साल की मासूम की बेरहमी से हत्या

📍 स्थान: खंदारी बाजार, लालबाग, लखनऊ
🕯️ पीड़िता: सायराना उर्फ सोना (उम्र 7 वर्ष)
🚨 आरोपी: रोशनी खान (मां), उदित जायसवाल (प्रेमी)

🔷 घटना का भयावह विवरण – इंसानियत को झकझोर देने वाली क्रूरता

लखनऊ के खंदारी बाजार में घटित यह घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा करती है – क्या अब बच्चों को घर में भी सुरक्षा मिलना बंद हो गई है?

सायराना उर्फ सोना एक मासूम बच्ची थी, जिसकी गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने अपनी मां को उसके प्रेमी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया और उन्हें टोक दिया।

💔 इसके बाद जो हुआ, वो रूह कंपा देने वाला था:

  • मां रोशनी ने अपनी ही बेटी को पीटना शुरू किया।
  • उसके पेट पर खड़े होकर दबाव डाला, जिससे बच्ची की सांसें उखड़ गईं।
  • प्रेमी उदित ने बच्ची का मुंह और गला दबाया, जिससे खून निकलने लगा और उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

🧹 हत्या के बाद सबूत मिटाने की कोशिश

हत्या के बाद दोनों ने:

  • खून के धब्बे साफ किए।
  • कपड़े पॉलिथीन में भरकर छिपाए।
  • फिर नहाए, खाना खाया और आराम से सो गए।

सुबह उठने के बाद वे शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाने लगे।

🚗 शव ठिकाने लगाने की घिनौनी साजिश

  • पहले हनुमान सेतु और फिर इंदिरा डैम गए।
  • वहां से बनारस ले जाकर शव फेंकने की प्लानिंग की, ताकि हत्या से बचा जा सके।
  • लेकिन थकान और डर की वजह से उन्होंने फिर एक और योजना बनाई –
    बच्ची के अपहरण का केस उसके पिता शाहरुख पर दर्ज कराएंगे।

🏨 होटल में रुके, और हत्या का ड्रामा तैयार किया

  • दोनों हुसैनगंज के एक होटल में ठहरे।
  • वहीं उन्होंने प्लान बनाया कि रोशनी पुलिस को झूठी सूचना देगी कि उसके पति ने बच्ची की हत्या कर दी है।
  • मंगलवार तड़के 3:10 बजे दोनों होटल से निकले और फ्लैट पर पहुंचे।
  • सुबह 4 बजे रोशनी ने 112 पर कॉल किया और शाहरुख को झूठा फंसा दिया।

🕵️ कैसे टूटा झूठ का पर्दा?

  • पुलिस जब मौके पर पहुंची तो रोशनी और उदित के हावभाव और बयानों में विरोधाभास मिला।
  • जब सख्ती से पूछताछ की गई तो दोनों टूट गए और सच उगल दिया।
  • पुलिस ने मर्डर केस में दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

⚖️ सामाजिक और नैतिक सवाल

क्या अब माता-पिता भी बच्चों के लिए खतरा बन सकते हैं?
क्या रिश्तों का ऐसा पतन पहले कभी देखा गया है?

यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं है, यह मां के रिश्ते का शर्मनाक अंत है। मासूम बच्ची का कसूर केवल इतना था कि उसने सही और गलत में फर्क करने की कोशिश की। उसकी सजा मौत थी।


मैं विवेक शर्मा, समाजसेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट, आप सभी के समक्ष “पब्लिक की बात” एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ मंच, जो आम जनता की आवाज़ को मजबूती और ईमानदारी के साथ सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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