लखनऊ में दबंगों की दरिंदगी: दोस्तों की पिटाई में 2 महीने के हस्की पपी की मौत, CCTV में कैद हुई पूरी वारदात

लखनऊ के राजाजीपुरम इलाके से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहां एक पेट्रोल पंप पर दिनदहाड़े कुछ दबंगों ने दो युवकों की बेरहमी से पिटाई की, जिसमें उनके साथ मौजूद 2 महीने के मासूम हस्की पपी की मौत हो गई।

पूरी वारदात CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है और अब यह मामला थाना तालकटोरा में FIR के साथ दर्ज किया गया है। घटना के बाद से इलाके में गहरा आक्रोश है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

मामला कैसे शुरू हुआ?

पीड़ित युवक प्रफुल दीप श्रीवास्तव ने बताया कि 1 अगस्त की सुबह लगभग 11:30 बजे वह अपने दोस्त अक्षत के साथ अपने बीमार हस्की पपी को डॉक्टर के पास ले जा रहे थे। रास्ते में राजाजीपुरम टैंपू स्टैंड के पास स्थित पेट्रोल पंप पर वे अपनी बाइक में पेट्रोल भरवाने रुके।

जैसे ही उन्होंने पेट्रोल पंप की ओर मोड़ लिया, 7–8 दबंग युवक अचानक आए और दोनों को घेर लिया। बिना किसी कारण के दबंगों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटना शुरू कर दिया।

कड़े से सिर पर वार, पपी की दर्दनाक मौत

मारपीट के दौरान हमलावरों में से एक युवक अभिजीत सिंह ने अपने हाथ में पहने लोहे के कड़े से प्रफुल के सिर पर हमला किया, जिससे वह लहूलुहान हो गए।
जब अक्षत ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उसे भी बुरी तरह लात-घूंसे से पीटा गया

इस पूरे हमले के दौरान उनके साथ बाइक पर बैठा 2 माह का हस्की पपी भी बुरी तरह जख्मी हो गया। चोट इतनी गंभीर थी कि मासूम पपी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

CCTV फुटेज बना सबूत

पूरी घटना पेट्रोल पंप के CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसमें दबंगों की बेरहमी साफ देखी जा सकती है।
प्रफुल ने थाना तालकटोरा में तहरीर देते हुए CCTV फुटेज को सबूत के रूप में जमा किया है और दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।

स्थानीय लोगों में आक्रोश

इस घटना ने स्थानीय निवासियों को झकझोर दिया है। लोगों का कहना है कि इंसानों की तो जुबान होती है, लेकिन बेजुबान जानवर की जान तो कोई भी नहीं लौटा सकता।
आसपास के लोगों और पशु प्रेमियों ने इस घटना को नृशंसता की पराकाष्ठा बताते हुए सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

निष्कर्ष

लखनऊ में इस तरह खुलेआम गुंडागर्दी, निशाना बने आम नागरिक और मासूम जानवर की मौत जैसे मामले कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं।
जहां एक ओर पुलिस अब आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी की दिशा में जुटी है, वहीं दूसरी ओर यह घटना फिर याद दिलाती है कि सड़कों पर कानून का राज स्थापित करना कितना जरूरी हो गया है।


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