हमीरपुर रेल हादसा: चलती ट्रेन से गिरे यात्री की गार्ड ने बचाई जान, ट्रेन को 3 किमी पीछे ले गए

हमीरपुर जिले में रेल मार्ग पर शनिवार को एक बड़ा हादसा टल गया। चलती ट्रेन से गिरे एक यात्री की जान ट्रेन गार्ड की तत्परता से बच गई। गार्ड ने न केवल ट्रेन को रोककर स्थिति संभाली बल्कि तीन किलोमीटर पीछे जाकर घायल यात्री को अपने कैबिन में बैठाकर सुरक्षित स्टेशन तक पहुँचाया।

क्या हुआ हादसा

  • बांदा जिले के चहितारा गांव निवासी सुरेंद्र वर्मा (40 वर्ष) अपनी पत्नी सीमा और बच्चों के साथ बहन के घर सुमेरपुर जा रहे थे।
  • रागौल स्टेशन से ट्रेन चलने के कुछ देर बाद वे लघुशंका के लिए दरवाजे की ओर गए।
  • इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से सुरेंद्र चलती ट्रेन से नीचे गिर पड़े।

यात्रियों ने मचाया शोर, गार्ड ने दिखाई तत्परता

  • यात्रियों के शोर मचाने पर गार्ड ने तुरंत ट्रेन रोक दी।
  • उन्होंने रागौल और सुमेरपुर स्टेशन मास्टर को घटना की जानकारी दी।
  • तत्परता दिखाते हुए ट्रेन को 3 किमी पीछे ले जाकर घायल यात्री को उठाया और अपने कैबिन में बैठाया।

इलाज और वर्तमान स्थिति

  • सुमेरपुर स्टेशन पहुँचने पर घायल को प्लेटफॉर्म पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया।
  • बाद में एंबुलेंस से पीएचसी भेजा गया।
  • हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया।

अधिकारियों का बयान

सुमेरपुर स्टेशन मास्टर अमानुउद्दीन ने बताया कि यात्री को तुरंत मेडिकल सहायता दी गई और हर संभव मदद उपलब्ध कराई गई।

सामाजिक संदेश

यह घटना न केवल रेलवे की तत्परता और जिम्मेदारी को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि समय पर लिया गया निर्णय किसी की जान बचा सकता है।


मैं विवेक शर्मा, समाजसेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट, आप सभी के समक्ष “पब्लिक की बात” एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ मंच, जो आम जनता की आवाज़ को मजबूती और ईमानदारी के साथ सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पब्लिक की बात का उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी को सशक्त करना है। हम राजनीति, प्रशासन, भ्रष्टाचार, सामाजिक सरोकारों और ज़मीनी सच्चाइयों से जुड़ी खबरों को निष्पक्ष, तथ्यपरक और निर्भीक रूप से आप तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं।

यह मंच उन सवालों की आवाज़ है जो अक्सर दबा दिए जाते हैं, उन मुद्दों का आईना है जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है, और उन आम लोगों का प्रतिनिधि है जिनकी बात सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुँच पाती।

पब्लिक की बात — क्योंकि सवाल पूछना और सच दिखाना लोकतंत्र की ताकत है।

Click to Un-Mute
WhatsApp icon
Public Ki Baat
Contact us!
Phone icon
Public Ki Baat