कौशांबी में बड़ा हादसा : थकान से गाड़ी अनियंत्रित होकर नहर में गिरी, 8 यात्री बाल-बाल बचे

कौशांबी ज़िले के विकासखंड सरसवाँ स्थित डकशरीर चौराहे के पास रविवार की सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। राजस्थान से बिहार जा रही एक बोलेरो गाड़ी अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। गाड़ी में कुल 8 लोग (2 पुरुष, 2 महिलाएं और 4 बच्चे) सवार थे, लेकिन गनीमत रही कि सभी यात्री सुरक्षित बच गए।

लगातार सफर से थके चालक ने खोया नियंत्रण

मिली जानकारी के मुताबिक, बोलेरो को राजस्थान के बूंदी निवासी राजेश कुमार चला रहे थे। परिवार रात 12:30 बजे से लगातार यात्रा कर रहा था। इस दौरान राजेश ने कई बार थकान की वजह से आराम करने की इच्छा जताई, लेकिन अन्य यात्रियों के आग्रह पर उन्होंने यात्रा जारी रखी। जैसे ही गाड़ी डकशरीर चौराहे पर पहुंची, मोड़ पर संतुलन बिगड़ गया और बोलेरो सीधे नहर में जा गिरी।

हादसे के बाद स्थिति

गाड़ी गिरने के दौरान सभी यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। सीट बेल्ट ने चालक राजेश की जान बचा ली, लेकिन स्टीयरिंग उनकी छाती से टकरा गया जिससे उन्हें चोट आई। बाकी सभी यात्री बिना किसी गंभीर चोट के बाहर निकल आए। दुर्घटनाग्रस्त बोलेरो का नंबर RJ08 UA 6632 है।

यात्रा का उद्देश्य

यह परिवार बिहार जा रहा था, जहां उनके परिवार के छोटे भाई की 12वीं की परीक्षा थी। इसी वजह से वे लगातार सफर कर रहे थे ताकि समय पर गंतव्य तक पहुंच सकें।

स्थानीय लोगों की मदद

घटना के बाद नहर किनारे मौजूद लोगों ने यात्रियों को बाहर निकलने में मदद की। स्थानीय प्रशासन को भी सूचना दी गई, जिसके बाद गाड़ी को नहर से निकालने की कोशिश शुरू हुई।

  • मुख्य कारण: चालक की अत्यधिक थकान और लगातार यात्रा।
    नुकसान: गाड़ी को क्षति पहुँची, चालक घायल हुआ।
    सौभाग्य: सभी 8 यात्री सुरक्षित बच निकले, बड़ा हादसा टल गया।

मैं विवेक शर्मा, समाजसेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट, आप सभी के समक्ष “पब्लिक की बात” एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ मंच, जो आम जनता की आवाज़ को मजबूती और ईमानदारी के साथ सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पब्लिक की बात का उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी को सशक्त करना है। हम राजनीति, प्रशासन, भ्रष्टाचार, सामाजिक सरोकारों और ज़मीनी सच्चाइयों से जुड़ी खबरों को निष्पक्ष, तथ्यपरक और निर्भीक रूप से आप तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं।

यह मंच उन सवालों की आवाज़ है जो अक्सर दबा दिए जाते हैं, उन मुद्दों का आईना है जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है, और उन आम लोगों का प्रतिनिधि है जिनकी बात सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुँच पाती।

पब्लिक की बात — क्योंकि सवाल पूछना और सच दिखाना लोकतंत्र की ताकत है।

Click to Un-Mute
WhatsApp icon
Public Ki Baat
Contact us!
Phone icon
Public Ki Baat