जीएसटी स्लैब बदलाव पर अखिलेश यादव का तंज: “अगर अब गरीबों को फायदा होगा, तो अभी तक किसे हो रहा था?”

समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जीएसटी में बदलाव से अगर अब गरीबों को फायदा होने वाला है, तो सवाल यह है कि इतने सालों से जीएसटी से आखिर किसे फायदा हो रहा था?

जीएसटी पर सवाल

  • अखिलेश यादव ने सैफई में पत्रकारों से कहा:
  • “जीएसटी लागू करते समय दावा किया गया था कि इससे व्यापारिक व्यवस्था सरल होगी और कारोबारियों को फायदा होगा। लेकिन अब गरीबों को राहत देने के नाम पर स्लैब बदला जा रहा है। अगर अब गरीबों को फायदा मिलेगा तो अभी तक किसे हो रहा था?”

  • उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के राज में मुनाफाखोरी की आदतें गहरी हो चुकी हैं।
  • उदाहरण देते हुए बोले कि पारले-जी बिस्किट, साबुन और क्रीम के पैकेट छोटे कर दिए गए थे।

“क्या अब ये बड़े पैकेट में वापस आएंगे? भाजपा राज में मुनाफाखोरी का कोई इलाज नहीं है।”

योगी सरकार पर व्यंग्य

  • अखिलेश यादव ने कहा कि अब खुद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ही “आउटसोर्स” करने की जरूरत है।
  • इकाना स्टेडियम पर कटाक्ष करते हुए बोले:

“यह स्टेडियम समाजवादी सरकार ने बनवाया था, लेकिन भाजपा सरकार इसे पूरी तरह चालू नहीं कर सकी। जब योगी आदित्यनाथ वहां जाते हैं तो जनता वहां से भाग जाती है।”

किसानों और उद्योगों की बदहाली

  • डीएपी खाद की किल्लत पर बोले कि गरीब किसानों को खाद नहीं मिल रही क्योंकि “बड़े लोग” खेती पर कब्जा किए बैठे हैं।
  • कीटनाशक दवाइयों की कीमतें बढ़ गई हैं और बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई सरकार नहीं कर पा रही।
  • उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा पूरी तरह फेल साबित हुआ है।

अमेरिकी टैरिफ पर तंज

  • अखिलेश ने कहा कि भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल, मेरठ के खेल सामान और फिरोजाबाद के कांच उद्योग पर अमेरिकी टैरिफ ने रोक लगा दी है।
  • कटाक्ष करते हुए बोले:

“ऐसा लग रहा है कि भाजपा नेताओं के मुंह पर खुद टैरिफ लग गया हो, क्योंकि कोई जवाब ही नहीं दिया जा रहा।”

2027 चुनाव की भविष्यवाणी

अखिलेश यादव ने दावा किया कि आगामी 2027 का विधानसभा चुनाव जनता का बदलाव लाने वाला जनादेश होगा।
उन्होंने कहा,

“जब भाजपा जाएगी तभी आरक्षण बचेगा, संविधान सुरक्षित रहेगा, गरीबों को सम्मान मिलेगा, विकास होगा और युवाओं को रोजगार मिलेगा।”

निष्कर्ष:
अखिलेश यादव का यह बयान जीएसटी स्लैब बदलाव को लेकर राजनीतिक बहस को और तेज कर रहा है। विपक्ष सवाल उठा रहा है कि अगर अब बदलाव से गरीबों को राहत मिलेगी, तो इतने सालों तक इस टैक्स सिस्टम का फायदा आखिर किन्हें मिल रहा था?


मैं विवेक शर्मा, समाजसेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट, आप सभी के समक्ष “पब्लिक की बात” एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ मंच, जो आम जनता की आवाज़ को मजबूती और ईमानदारी के साथ सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पब्लिक की बात का उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी को सशक्त करना है। हम राजनीति, प्रशासन, भ्रष्टाचार, सामाजिक सरोकारों और ज़मीनी सच्चाइयों से जुड़ी खबरों को निष्पक्ष, तथ्यपरक और निर्भीक रूप से आप तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं।

यह मंच उन सवालों की आवाज़ है जो अक्सर दबा दिए जाते हैं, उन मुद्दों का आईना है जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है, और उन आम लोगों का प्रतिनिधि है जिनकी बात सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुँच पाती।

पब्लिक की बात — क्योंकि सवाल पूछना और सच दिखाना लोकतंत्र की ताकत है।

Click to Un-Mute
WhatsApp icon
Public Ki Baat
Contact us!
Phone icon
Public Ki Baat