दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की समीक्षा बैठक में उनके पति मनीष गुप्ता की मौजूदगी को लेकर AAP और BJP आमने-सामने आ गई हैं। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि दिल्ली में अब “फुलेरा पंचायत” वाली व्यवस्था चल रही है, जहां महिला प्रधान के पति ही असली फैसले लेते हैं।
AAP का आरोप: लोकतंत्र का मजाक
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा:
“दिल्ली की सरकार फुलेरा पंचायत बन गई है। जैसे पंचायत सीरीज में प्रधानपति फैसले लेते थे, वैसे ही यहां CM के पति सरकारी बैठकों में बैठ रहे हैं।”
- उन्होंने आरोप लगाया कि यह असंवैधानिक और परिवारवाद का उदाहरण है।
- AAP सांसद संजय सिंह ने भी हमला बोला और कहा:
“दिल्ली में अब दो CM हैं – रेखा गुप्ता और उनके पति सुपर CM। मोदी जी की BJP ने सिर्फ छह महीने में दिल्ली का कबाड़ा कर दिया।”
फोटो पर विवाद
- AAP ने आरोप लगाया कि बैठक से जुड़ी तस्वीरें CM रेखा गुप्ता के Instagram और CMO के आधिकारिक अकाउंट से साझा की गई हैं।
- तस्वीरों में मनीष गुप्ता बैठक में मौजूद दिखाई दे रहे हैं।
- AAP ने सवाल उठाया कि क्या बीजेपी में अब ऐसा कोई कार्यकर्ता नहीं बचा जिसपर CM भरोसा कर सकें?
CM रेखा गुप्ता का बयान
मुख्यमंत्री ने X पर लिखा कि शालीमार बाग विधानसभा के विकास कार्यों की समीक्षा की गई।
- जलभराव वाले क्षेत्रों में हार्वेस्टिंग प्वॉइंट्स स्थापित करने,
- बाजारों को पुनर्जीवित करने,
- और झुके-टेढ़े पेड़ों को हटाने के निर्देश दिए गए।
BJP का पलटवार
BJP आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने AAP पर पलटवार किया:
- उन्होंने कहा कि मनीष गुप्ता सिर्फ प्रबंधन का काम करते हैं, कोई आधिकारिक आदेश नहीं जारी करते।
- उदाहरण देते हुए बोले:
“जैसे शीला दीक्षित के क्षेत्र का प्रबंधन उनकी बहन रमा धवन करती थीं और सुनीता केजरीवाल अरविंद केजरीवाल के निर्वाचन क्षेत्र को देखती थीं।”
- मालवीय ने AAP पर महिला होने के कारण रेखा गुप्ता को टारगेट करने का आरोप लगाया।
निष्कर्ष
दिल्ली की राजनीति में “फुलेरा पंचायत” बनाम “प्रबंधन की भूमिका” का विवाद गहराता जा रहा है।
एक ओर AAP इसे परिवारवाद और असंवैधानिक ठहरा रही है, तो दूसरी ओर BJP कह रही है कि यह केवल राजनीतिक हमला है।
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