यूपी की राजधानी लखनऊ में धर्मांतरण का एक बड़ा खुलासा हुआ है। निगोहां पुलिस ने मलखान नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया, जिसने करीब 50 से अधिक हिंदुओं का ईसाई धर्म में धर्मांतरण कराया। आरोपी कम पढ़े-लिखे अनुसूचित जाति के लोगों को निशाना बनाता था और उन्हें बिमारी ठीक करने और आर्थिक मदद का प्रलोभन देकर प्रार्थना सभा में बुलाता था।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया
पुलिस उपायुक्त दक्षिणी निपुण अग्रवाल के मुताबिक, इलाके में लंबे समय से धर्मांतरण की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद एसीपी मोहनलालगंज रजनीश वर्मा के निर्देशन में विशेष टीम बनाई गई। टीम ने साक्ष्य जुटाकर शनिवार को मलखान को हुलास खेड़ा मार्ग से गिरफ्तार किया।
आरोपी की कार्यप्रणाली
पूछताछ में पता चला कि मलखान ने लगभग 10 साल पहले ईसाई धर्म स्वीकार कर ‘मैथ्यू’ नाम लिया। इसके बाद अपने भाई-भतीजों और बच्चों के नाम भी बदल दिए। वह अपने खेत में कमरे में महीने में दो बार चंगाई सभा आयोजित करता था। इसमें महिलाओं, बच्चों और पुरुषों को बुलाकर बाइबिल पढ़ाता, पवित्र जल छिड़कता और प्रोजेक्टर पर वीडियो दिखाता। उसने धार्मिक और आर्थिक प्रलोभन देकर लोगों का ब्रेनवॉश किया और उन्हें बपतिस्मा देकर ईसाई धर्म में परिवर्तित किया।
अब तक मलखान ने आस-पड़ोस के लगभग 50 लोगों का धर्मांतरण करवा चुका है। आरोपी के घर से दो बाइबिल और प्रचार सामग्री बरामद की गई। उसे जेल भेज दिया गया है और गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम को डीसीपी ने 25 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की।
फंडिंग की जांच
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि मलखान ने धर्मांतरण कराने के बाद आर्थिक मदद भी दी। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इसकी फंडिंग कौन कर रहा था। इसके लिए मलखान और उसके परिवार के बैंक खातों की जांच शुरू कर दी गई है।
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