लखनऊ, 02 फरवरी, 2026
गोमती नगर विस्तार के राप्ती अपार्टमेंट के समीप लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) द्वारा प्रस्तावित ‘नर्मदा अपार्टमेंट’ परियोजना विवादों के घेरे में आ गई है। लखनऊ जनकल्याण महासमिति और स्थानीय निवासियों ने इस 30 मंजिला इमारत के निर्माण को सुरक्षा, पर्यावरण और नियमों के विरुद्ध बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस पर तत्काल रोक लगाने की अपील की है।
लखनऊ जनकल्याण महासमिति के अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस भूमि पर यह विशालकाय अपार्टमेंट प्रस्तावित है, वह मास्टर प्लान में ‘ग्रीन बेल्ट’ के तौर पर आरक्षित थी। उन्होंने कहा कि एलडीए ने तथ्यों को छिपाकर इस भूमि का उपयोग बदला है। इसके अलावा, प्रस्तावित स्थल के ठीक पीछे भारतीय सेना की भूमि स्थित है, जिसका लेआउट में उल्लेख न किया जाना सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी प्रशासनिक चूक है।
महासमिति और राप्ती अपार्टमेंट आरडब्ल्यूए की संयुक्त बैठक में यह तथ्य सामने आया कि परियोजना में फायर सेफ्टी के मानकों को ताक पर रखा गया है। नियमों के अनुसार, बहुमंजिला इमारतों में दो अलग-अलग दिशाओं में निकास द्वार होने चाहिए, जबकि यहाँ एक ही स्थान पर गेट दिखाए गए हैं। साथ ही, प्रस्तावित मुख्य द्वार G-20 रोड के रैंप के पास है, जिससे भविष्य में भीषण यातायात जाम और दुर्घटनाओं की आशंका है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि नदी के इतने निकट इतनी ऊंची इमारत का निर्माण एनजीटी (NGT) के नियमों के विरुद्ध है। हाल ही में मिट्टी समतलीकरण के दौरान बंधा कटने की घटना ने एलडीए की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निवासियों को डर है कि सीवर निस्तारण की उचित व्यवस्था न होने से गंदगी सीधे गोमती नदी में जाएगी।
उमाशंकर दुबे ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में मांग की है कि इस निर्माण को रोककर उक्त भूमि को वापस ग्रीन बेल्ट घोषित किया जाए और यहाँ बच्चों के लिए खेल का मैदान, ओपन जिम व अन्य खेल सुविधाएँ विकसित की जाएं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जनहित की अनदेखी की गई, तो स्थानीय निवासी चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करने को विवश होंगे।
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