आईटी कॉलेज में खेल उत्सव का समापन लक्ष्मी हाउस बना चैंपियन

लखनऊ। राजधानी के प्रतिष्ठित इज़ाबेला थोबर्न (आई.टी.) कॉलेज में वार्षिक खेल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन 16 फरवरी से 21 फरवरी 2026 तक किया गया। कॉलेज के शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित इस छह दिवसीय स्पर्धा में छात्राओं ने अदम्य साहस, अनुशासन और टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ एक प्रभावशाली मार्च-पास्ट से हुआ, जिसमें कॉलेज के छह हाउस— सरोजिनी, लक्ष्मी, रजिया, निकोल्स, प्रोफेशनल स्टडीज और इंटरमीडिएट की छात्राओं ने पूरे अनुशासन के साथ कदमताल करते हुए अपनी एकता का परिचय दिया। इस अवसर पर पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट और छात्राओं के उत्साहवर्धन से गूंज उठा।

प्रतियोगिता के दौरान बास्केटबॉल, थ्रोबॉल, रस्साकशी (Tug of War), योगा और एरोबिक्स जैसे खेलों में छात्राओं के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। इसके साथ ही विभिन्न ‘ट्रैक एंड फील्ड’ स्पर्धाओं में भी छात्राओं ने अपनी रफ्तार और दमखम का परिचय दिया। खेल के मैदान पर केवल छात्राएं ही नहीं, बल्कि शिक्षकों ने भी विशेष रूप से आयोजित खेलों में बड़े उत्साह के साथ भाग लिया, जिसने पूरे आयोजन को और अधिक खुशनुमा बना दिया।

कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद ‘लक्ष्मी हाउस’ ने अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए ओवरऑल चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। वहीं, अनुशासन और बेहतरीन तालमेल के लिए ‘निकोल्स हाउस’ को मार्च-पास्ट ट्रॉफी से नवाजा गया।

खेल प्रतियोगिता का सफल समापन अध्यक्ष डॉ. ई.एस. चार्ल्स, प्राचार्या डॉ. मेजर नीरजा मसीह और शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष मिस प्रीति कुसुम करकेटा के कुशल नेतृत्व में हुआ। कॉलेज प्रशासन ने विजयी टीमों को बधाई देते हुए जीवन में खेलों के महत्व और निरंतर अभ्यास की प्रेरणा दी।


मैं विवेक शर्मा, समाजसेवी एवं आरटीआई एक्टिविस्ट, आप सभी के समक्ष “पब्लिक की बात” एक स्वतंत्र डिजिटल न्यूज़ मंच, जो आम जनता की आवाज़ को मजबूती और ईमानदारी के साथ सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

पब्लिक की बात का उद्देश्य केवल समाचार देना नहीं, बल्कि लोकतंत्र में जनता की भागीदारी को सशक्त करना है। हम राजनीति, प्रशासन, भ्रष्टाचार, सामाजिक सरोकारों और ज़मीनी सच्चाइयों से जुड़ी खबरों को निष्पक्ष, तथ्यपरक और निर्भीक रूप से आप तक पहुँचाने का प्रयास करते हैं।

यह मंच उन सवालों की आवाज़ है जो अक्सर दबा दिए जाते हैं, उन मुद्दों का आईना है जिन्हें नजरअंदाज कर दिया जाता है, और उन आम लोगों का प्रतिनिधि है जिनकी बात सत्ता के गलियारों तक नहीं पहुँच पाती।

पब्लिक की बात — क्योंकि सवाल पूछना और सच दिखाना लोकतंत्र की ताकत है।

Click to Un-Mute
WhatsApp icon
Public Ki Baat
Contact us!
Phone icon
Public Ki Baat