– ₹188.70 लाख की स्वीकृत परियोजना में धांधली: पाइपलाइन के बजाय बाजार दर से 4 गुना महंगे रेट पर लगा दिए वाटर कूलर
– हर घर नल जल योजना को ठेंगा दिखाकर चहेते ठेकेदारों और अफसरों की मिलीभगत से सरकारी धन की खुली लूट
अलीगढ़/जलाली।
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ‘हर घर नल से जल’ योजना को नगर पंचायत जलाली (जनपद अलीगढ़) के जिम्मेदार अधिकारियों और चेयरमैन ने मिलकर पलीता लगा दिया है। शासन से स्वीकृत ₹188.70 लाख की पाइपलाइन विस्तार योजना को बदलकर बाजार दर से चार-पांच गुना अधिक कीमतों पर वाटर कूलर लगवाकर करोड़ों रुपये के सरकारी धन के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्थानीय निवासी हर प्रसाद कुशवाहा ने इस भ्रष्टाचार के खिलाफ मुख्यमंत्री, नगर विकास मंत्री और उच्चाधिकारियों को साक्ष्यों सहित पत्र भेजकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

पाइपलाइन के बजाय ‘वाटर कूलर’ का फर्जीवाड़ा
शिकायती पत्र के अनुसार, राज्य सेक्टर कार्यक्रम के अंतर्गत वार्ड संख्या 1, 3, 4, 5, 7, 8, 9, 11 और 12 में पेयजल आपूर्ति हेतु कुल 22 नग समरसेबल अधिष्ठापन एवं पाइपलाइन विस्तार का कार्य स्वीकृत हुआ था। शासन की मंशा हर घर तक पानी पहुँचाने की थी, लेकिन नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी और अध्यक्ष ने मिलीभगत कर पाइपलाइन बिछाने के बजाय 22 वाटर कूलर और 5000 लीटर के वाटर टैंक लगवा दिए। आरोप है कि यह कार्य शासनादेश संख्या 372/2024 और 326/2025 का खुला उल्लंघन है।
4 गुना अधिक कीमतों पर खरीद कर सरकारी धन की लूट
शिकायतकर्ता का दावा है कि जो वाटर कूलर और सामग्री बाजार में मात्र ₹1.5 से ₹2 लाख में उपलब्ध है, उसे जेम पोर्टल के माध्यम से सांठ-गांठ कर ₹8,57,860 प्रति यूनिट की दर से खरीदा गया है। एस्टीमेट में 50 लीटर का वाटर कूलर, आरओ फिल्टर और 60 वाट की सोलर स्ट्रीट लाइट का प्रावधान था, लेकिन मौके पर न तो आरओ फिल्टर लगाए गए और न ही सोलर लाइटें, जबकि ठेकेदार को पूरा भुगतान कर दिया गया।
मानकों के साथ खिलवाड़: 5000 लीटर के टैंक में भर रहा मात्र आधा पानी
भ्रष्टाचार की सीमा यहीं खत्म नहीं होती। मौके पर लगाए गए 5000 लीटर के वाटर टैंकों में मानक के विपरीत आधे भाग में ही ओवरफ्लो पाइप लगा दिया गया है, जिससे उन टैंकों में मात्र 2 से 2.5 हजार लीटर पानी ही भर पाता है। यह सीधे तौर पर जनता को गुमराह करने और सरकारी धन को हड़पने की सोची-समझी साजिश है।
मुख्यमंत्री से ‘बुलडोजर’ एक्शन की मांग
शिकायतकर्ता हर प्रसाद कुशवाहा ने पत्र में स्पष्ट किया है कि नगर पंचायत जलाली में पूर्व से ही सार्वजनिक स्थानों पर 22 वाटर कूलर और 400 इंडिया मार्क-2 नल मौजूद थे, जिनकी कोई आवश्यकता नहीं थी। आवश्यकता हर घर तक पाइपलाइन पहुंचाने की थी। उन्होंने मांग की है कि नगर पालिका अधिनियम 1916 के प्रावधानों के तहत भ्रष्ट अधिकारियों और चेयरमैन के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए और सरकारी धन की वसूली की जाए।
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